राज ठाकरे का बड़ा हमला: 'देह बेचोगे तो ग्राहक मिलेंगे ही', UBT बागियों और बीजेपी दोनों पर साधा निशाना

Mumbai Raj Thackeray: राज ठाकरे ने UBT के बागी सांसदों और BJP पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति को गंदा बताते हुए चेतावनी दी कि विरोधियों को खत्म करने की नीति भाजपा को भारी पड़ेगी।
MNS chief Raj Thackeray slammed Shiv Sena UBT rebels and warned BJP over its political strategy, stating that trying to finish the opposition will backfire on BJP
राज ठाकरे (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Politics Raj Thackeray: शिवसेना (यूबीटी) में हाल ही में सांसदों की बगावत के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने ठाणे में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बागी सांसदों और विधायकों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक माहौल को "बेहद गंदा" बताते हुए दल बदलने वाले नेताओं पर कड़ी टिप्पणी की।

'देह बेचोगे तो ग्राहक मिलेंगे ही'

राज ठाकरे ने बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि सवाल खरीदने वालों से ज्यादा खुद बिकने वालों पर उठना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्वयं बिकने को तैयार है तो खरीदने वाले मिल ही जाते हैं। उनके इस बयान को बागी सांसदों पर सीधा हमला माना जा रहा है।

भाजपा की रणनीति पर भी उठाए सवाल

मनसे प्रमुख ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को तोड़कर अलग गुट बनाने के पीछे राजनीतिक रणनीति काम कर रही है। उनका दावा था कि भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों और नेतृत्व के सवाल पर समर्थन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऐसी कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को कमजोर करने की यह राजनीति लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है।

'भाजपा की ताकत मोदी पर टिकी है'

राज ठाकरे ने भाजपा की तुलना ताश के महल से करते हुए कहा कि पार्टी की सबसे बड़ी ताकत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। उनका कहना था कि यदि यह आधार कमजोर होता है तो पूरी राजनीतिक संरचना प्रभावित हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्ष को समाप्त करने की रणनीति अंततः भाजपा के भीतर ही नए विरोधियों को जन्म दे सकती है।

महाराष्ट्र की राजनीति पर जताई चिंता

राज ठाकरे ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब सत्ताधारी दल विपक्ष को खत्म करने की कोशिश करते हैं तो समय के साथ उसी दल के भीतर विरोध की नई ताकतें उभरती हैं। उन्होंने महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष और वैचारिक राजनीति दोनों आवश्यक हैं।

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