Mumbai Crime: ‘बाप बना हैवान’, दिव्यांग बेटी के गर्भवती होने पर DNA जांच में यौन शोषण का खुलासा
Divyang Girl Harassment: मुंबई के कफ परेड में एक मूक-बधिर युवती के साथ उसके पिता ने दुष्कर्म किया। 17 संदिग्धों के डीएनए टेस्ट के बाद आरोपी पिता को गिरफ्तार किया गया है।
- Written By: अनिल सिंह
Rape Case Father Arrested in Mumbai प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो)
Rape Case Father Arrested in Mumbai: मुंबई के कफ परेड इलाके से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक 20 वर्षीय मूक-बधिर युवती के साथ उसके अपने ही पिता द्वारा यौन शोषण किए जाने का खुलासा हुआ है। यह घिनौना सच तब सामने आया जब डीएनए (DNA) जांच की रिपोर्ट में पिता का बच्चे से रिश्ता कंफर्म हो गया। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला न केवल रिश्तों के कत्ल की कहानी है, बल्कि मूक-बधिर पीड़ितों की सुरक्षा और उनके द्वारा झेली जाने वाली चुनौतियों को भी उजागर करता है।
कफ परेड पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया था, जिसमें आरोपी तक पहुँचने के लिए पिता समेत कुल 17 संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए गए थे।
पेट दर्द की शिकायत से खुला राज
इस खौफनाक वारदात का खुलासा सितंबर 2025 में हुआ, जब पीड़िता ने अपनी दादी से पेट में तेज दर्द और ‘कीड़े रेंगने’ जैसा महसूस होने की शिकायत की। इशारों में बताई गई इस परेशानी के बाद उसे कामा एंड अल्बलेस अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने जब मेडिकल जांच की, तो वे दंग रह गए, युवती पांच महीने की गर्भवती थी। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद जांच का पहिया घूमना शुरू हुआ।
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जांच में बाधा और पिता का संदिग्ध आचरण
शुरुआत में मुंबई पुलिस को पीड़िता से संवाद करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जब पुलिस ने उसके पिता से पूछताछ की, तो उसका व्यवहार संदेहास्पद था। उसने न केवल यौन शोषण के सवालों को खारिज किया, बल्कि यह बताने में भी असमर्थ रहा कि उसकी बेटी गर्भवती कैसे हुई। हद तो तब हो गई जब पिता ने मामले में शिकायत दर्ज कराने से भी साफ इनकार कर दिया। हालांकि, उचित काउंसलिंग के बाद पीड़िता खुद शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार हुई।
DNA टेस्ट ने बेनकाब किया ‘हैवान’ चेहरा
जांच के दौरान पीड़िता ने इशारों में दो अन्य लोगों (एक पुरुष और एक 17 वर्षीय किशोर) की पहचान की थी, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था। लेकिन पुलिस को अंदेशा था कि अपराध में कोई और भी शामिल है। मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने 17 लोगों के डीएनए और खून के सैंपल लिए और उनका मिलान भ्रूण के जेनेटिक डेटा से किया गया।
मैचिंग रिपोर्ट: 27 जनवरी को आई फॉरेंसिक रिपोर्ट में केवल एक ही पॉजिटिव मैच मिला, जो पीड़िता के पिता का था।
समय सीमा: पुलिस के अनुसार, यह घिनौना अपराध पिछले साल मार्च से 21 सितंबर के बीच अंजाम दिया गया था।
कफ परेड पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या हिरासत में लिए गए अन्य दो लोगों की भी इस अपराध में कोई भूमिका थी या नहीं। आरोपी पिता के खिलाफ आईपीसी और पोक्सो (POCSO) की संबंधित धाराओं (यदि पीड़िता के नाबालिग होने के साक्ष्य मिलते हैं) या अन्य कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
