कर भरो, लेकिन हिसाब नहीं: जालना में सड़कें टूटीं, पानी अनियमित, लोग लगा रहे दफ्तरों के चक्कर
Municipal Tax Issues: जालना मनपा के कर विभाग की अव्यवस्था से नागरिक परेशान हैं। उन्हें सही बकाया राशि की जानकारी नहीं मिल रही, पावती के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सड़कें जर्जर, जलापूर्ति अनियमित है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Jalna Municipal Corporation: जालना महानगरपालिका द्वारा समय पर कर भुगतान की अपील किए जाने के बावजूद कर विभाग की अव्यवस्थाएं समाप्त होने का नाम नहीं ले रही हैं। नागरिकों का आरोप है कि उन्हें अपनी वास्तविक कर बकाया राशि की स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी तक नहीं मिल पा रही है। कर पावती या मांग पत्र प्राप्त करने के लिए भी बार-बार कर्मचारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे आम नागरिक परेशान हैं। शहर की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। कई प्रमुख सड़कों की हालत जर्जर है। मुक्तेश्वर द्वार से गांधी चमन तक का मार्ग इसका स्पष्ट उदाहरण बताया जा रहा है। इसके साथ ही नागरिकों को नियमित पेयजल आपूर्ति भी नहीं मिल पा रही है।
नागरिक ने की अपने नाम की कर पावती की मांग
8-8 दिन के अंतराल से जलापूर्ति होने के बावजूद सुधार के लिए महानगरपालिका ने अब तक क्या कदम उठाए है, इसकी कोई ठोस जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
कर विभाग में अव्यवस्था इस कदर है कि किसी नागरिक को अपने नाम की कर पावती या मांग पत्र चाहिए तो उसे संबंधित कर्मचारी के पीछे लगातार संपर्क करना पड़ता है। पावती मिलने के बाद भी यह सुनिश्चित करना पड़ता है कि दस्तावेज सही नाम और सही संपत्ति से संबंधित है या नहीं। छोटे-बड़े प्रशासनिक कार्यों के लिए भी नागरिकों को बार-बार नगर निगम कार्यालय जाना पड़ता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर डाली जा रही है,
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मनपा प्रशासन ने समस्याओं का किया समाधान
शहर में आवारा कुत्तों की समस्या भी गंभीर बनी हुई है, लेकिन इसके समाधान के लिए अब तक कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उदाए गए है। शिक्षा विभाग की स्थिति भी सवालों के घेरे में है, जिस पर खुलकर चर्चा करने से लोग बचते नजर आ रहे हैं।
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नगर परिषद से महानगरपालिका बने जालना को लगभग ढाई वर्ष हो चुके हैं। इस अवधि में संस्था का नाम तो बदला, लेकिन प्रशासनिक कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं देता, हर वर्ष की तरह इस बार भी मार्च अंत को ध्यान में रखते हुए कर वसूली अभियान चलाया जा रहा है, जिसे संस्था के हित में बताया जा रहा है।
हालांकि नागरिकों का कहना है कि कर बसूली से पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि महानगरपालिका ने शहर की किन-किन समस्याओं का समाधान किया है, नागरिकों का कहना है कि कर देना हमारा कर्तव्य है।
