मनपा पर सवाल: छत्रपति संभाजीनगर: 800 करोड़ का कचरा ठेका, मजदूरों के वेतन पर सस्पेंस
Sanitation Workers Pay: संभाजीनगर मनपा ने 800 करोड़ का कचरा संकलन ठेका नई कंपनी को दिया, लेकिन मजदूरों के वेतन पर कोई फैसला नहीं। श्रमिकों ने न्यूनतम मजदूरी लागू करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Municipal Waste Contract Dispute: छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने शहर के कचरा संकलन व परिवहन का लगभग 800 करोड़ रुपये का ठेका एक नई कंपनी को दिया है। लेकिन इस कंपनी में कार्यरत श्रमिकों के वेतन को लेकर अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है, इस कारण भारी नाराजगी है। न्यूनतम मजदूरी अधिनियम व राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार वेतन दिए जाने की मांग करते हुए ठेका श्रमिक संगठन मनपा आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
संघ का कहना है कि मनपा प्रशासन ने कंपनी के साथ करार करते समय घंटागाड़ियां, कचरा संकलन की योजना, वाहनों की संख्या जैसी बातों पर निर्णय लिया, लेकिन कचरा उठाने वाले श्रमिकों के वेतन पर कोई फैसला नहीं किया गया। उन्होंने मांग की है कि 24 फरवरी 2015 की अधिसूचना के अनुसार कुशल, अर्धकुशल व अकुशल श्रमिकों का वेतन तथ किया जाए तथा चार दिनों के भीतर उसकी रिपोर्ट दी जाए, साथ ही करार में वेतन से संबंधित सभी प्रावधान शामिल कर उसकी प्रति भी उपलब्ध कराई जाए।
वर्तमान में कार्यरत रेड्डी कंपनी को हर माह लगभग 3 करोड़ का भुगतान किया जाता है, वहीं नए करार के तहत नई कंपनी को हर माह 6 से 7 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
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न्यूनतम वेतन देने का निर्णय
श्रमिकों को मात्र 8 से 12 हजार रुपए वेतन मिलने की आशंका है। रेड्डी कंपनी व मनपा प्रशासन ने । मार्च 2025 से न्यूनतम वेतन देने का निर्णय लिया था, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ है। संघ के अध्यक्ष हकीम शेख, उपाध्यक्ष नितिन भाले व सचिव अजय जानराव ने माग की है कि हर छह महीने में विशेष भत्ते में बढ़ोतरी की जाए।
कचरा संकलन व्यवस्था पूरी तरह चरमराई
इधर, शहर की कचरा संकलन व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, जिससे नागरिकों को गभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, सिडको क्षेत्र की संभाजी कॉलोनी में कचरे के ढेर जमा हो गए हैं, जहां पिछले तीन-चार दिनों से घंटागाड़ी नहीं आई है।
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इससे इलाके में दुर्गंध फैल गई है। कबरा नियमित रूथ से नहीं उठाया गया त्ती उग्र आंदोलन किया जाएगा, ऐसा चेतावनी रिपब्लिकन पार्टी ऑक इंडिया (सचिन खरात गुट) के जिला अध्यक्ष मनीष नरवडे ने दी है।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि घंटागाड़ी के आने का कोई निश्चित समय भी नहीं है। मनपा व ठेका कंपनी की निष्क्रयता का सीधा असर नागरिकों के स्वास्थ्य पर पढ़ रहा है, नागरिकों ने तत्काल इस समस्या को सुलझाने की मांग की है।
