सीनेट चुनाव में ठाकरे-एबीवीपी में होगी सीधी टक्कर, शिंदे गुट के उम्मीदवार गायब!

मुंबई यूनिवर्सिटी की सीनेट चुनाव की दस सीटों के लिए बिगुल बज चुका है। इस चुनाव में शिवसेना (उद्धव गुट) की युवा इकाई (युवा सेना), बीजेपी का छात्र संगठन 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' (एबीवीपी), छात्र भारती और एमएनएस ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। हालांकि, शिवसेना (शिंदे गुट) की युवा सेना से एक भी उम्मीदवार सीनेट चुनाव में नहीं उतारा है।
Contest between Uddhav Thackeray Faction and ABVP in Senate elections Mumba University
मुंबई यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव (फोटो: गूगल)
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मुंबई. मुंबई यूनिवर्सिटी की सीनेट चुनाव की दस सीटों के लिए बिगुल बज चुका है। इस चुनाव में शिवसेना (उद्धव गुट) की युवा इकाई (युवा सेना), बीजेपी का छात्र संगठन 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' (एबीवीपी), छात्र भारती और एमएनएस ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। हालांकि, शिवसेना (शिंदे गुट) की युवा सेना से एक भी उम्मीदवार सीनेट चुनाव में नहीं उतारा है।

मुंबई यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव अगले महीने 22 सितंबर को होंगे। इस चुनाव के लिए आवेदन भरने की आखिरी तारीख सोमवार (12 अगस्त) शाम 5 बजे तक थी। इसके मुताबिक अब यह जानकारी सामने आ गई है कि किस पार्टी ने कितने उम्मीदवार उतारे हैं। आदित्य ठाकरे की युवा सेना और एबीवीपी ने सभी दस सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इन दोनों पार्टियों के बीच सीधा मुकाबला होगा।

ये हैं उम्मीदवार

आदित्य ठाकरे गुट से प्रदीप सावंत, मिलिंद साटम, परम यादव, अल्पेश भोईर, किसन सावंत, स्नेहा गवली, शीतल शेठ, मयूर पांचाल, धनराज कोचड़े और शशिकांत झोरे को नामांकित किया गया है। इसी तरह एबीवीपी से हर्षद भिडे, प्रतीक नाईक, रोहन ठाकरे, पैगंबर जयवंत, जयेश शेखावत, राजेंद्र साईगांवकर, निशा सावरा, राकेश भुजबल, अजिंक्य जाधव और रेणुका ठाकुर को उम्मीदवार बनाया गया है। तो वहीं मनसे की ओर से सचिव सुधाकर तंबोली ने आवेदन भरा है। इसके अलावा छात्र भारती से चार और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चार उम्मीदवारों ने आवेदन दाखिल किया है।

जीतने वाले प्रत्याशी को मनपा चुनाव में लाभ

इस चुनाव का समीकरण ऐसा है कि सीनेट चुनाव में जो उम्मीदवार जीतेगा उसे मुंबई मनपा में युवाओं का समर्थन मिलेगा। इसलिए देखना होगा कि सीनेट चुनाव में युवाओं का वोट किसके पक्ष में जाता है। क्योंकि अब तक मुंबई मनपा पर ठाकरे की शिवसेना का कब्जा रहा है। लेकिन अब जब शिवसेना (शिंदे गुट), मनसे और बीजेपी इन तीन पार्टियों के विरोध में खड़े होने से शिवसेना (उद्धव गुट) के लिए मुंबई मनपा पर परचम लहराना आसान नहीं होगा।

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