
विजय वडेट्टीवार, उद्धव ठाकरे, शरद पवार (डिजाइन फोटो)
Congress Will Contest BMC Elections Alone: बिहार चुनाव में शर्मनाक शिकस्त और महागठबंधन के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने शनिवार को महाराष्ट्र में अपने सहयोगियों को बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस ने आगामी मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव अपने दम पर लड़ने का ऐलान कर दिया है।
महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी के टूटने की अटकलों पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश प्रभारी रमेश चेन्निथला ने शनिवार को मुंबई में मुहर लगा दी।
कांग्रेस के एक दिवसीय शिविर उनके स्वबल पर चुनाव लड़ने की घोषणा के साथ ही मुंबई में मविआ तथा खासकर कांग्रेस के साथ पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) पार्टी का गठबंधन टूटना तय हो गया है।
एक दिवसीय शिविर में रमेश चेन्नीथला ने कहा कि स्थानीय निकाय के चुनाव हैं और पार्टी के जिला, ब्लॉक सहित सभी स्तर के कार्यकर्ता स्वबल पर चुनाव लड़ने की मांग कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं की इच्छाओं का सम्मान करते हुए हमने मुंबई में अपने दम पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
अब मुंबई की सभी 227 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी को फिर से मजबूत बनाना है और हमें विश्वास है कि इसमें कोई बाधा नहीं आएगी।
इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड़, सह-प्रभारी यूबी व्यंकटेश, पूर्व मंत्री असलम शेख, विधायक भाई जगताप, विधायक ज्योति गायकवाड़ सहित कई नेता और पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने कहा कि स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं की तीव्र इच्छा के आधार पर उपरोक्त निर्णय लिया गया है। स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं की इच्छा अपने बल पर चुनाव लड़ने की है। कार्यकर्ताओं की राय हमने पार्टी नेतृत्व के सामने रखा और मुंबई कांग्रेस के शिविर में उसी के अनुरूप निर्णय लिया गया।
वर्षा ने आगे कहा कि कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, लेकिन अन्य दलों के लिए दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। आंबेडकरवादी आरपीआई के कुछ गुट और सम विचारधारा वाली कुछ पार्टियां हमारे साथ आने को इच्छुक हैं, उनके साथ हम चर्चा करेंगे।
शरद पवार के नेतृत्व वाली राकां हमेशा कांग्रेस की स्वाभाविक साझेदारी रही है, इसलिए इस संदर्भ में राकां शरदचंद्र पवार पार्टी के साथ भी बातचीत की जाएगी।
देश में निरंतर मजबूत हो रही भारतीय जनता पार्टी अब किसी भी हाल में मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में अपना महापौर बैठाने को प्रतिबद्ध नजर आ रही है।
दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे किसी भी तरह से मुंबई जीत कर अपनी पार्टी यूबीटी और अपना सियासी अस्तित्व बचाने के जूझ रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के साथ के दो दशक पुराने मतभेदों को भी भुला दिया। लेकिन कांग्रेस के ‘एकला चलो’ की आधिकारिक घोषणा से उद्धव के प्रयासों पर पानी फिर गया है।
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मुंबई में मविआ के टूटने से कांग्रेस के साथ-साथ यूबीटी के कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। इससे वर्षों से नगरसेवक बनने का सपना देख रहे तथा चुनाव लड़ने की तैयारी करनेवाले कई कार्यकर्ताओं के मंसूबों पूरे होने की संभावना बढ़ गई है। राजनीति के लिहाज से ये दावा किया जा रहा है कि इससे कांग्रेस के साथ-साथ यूबीटी को भी जनाधार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने राज ठाकरे और उनकी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का नाम लिए बगैर तीखा हमला बोला। उन्होंने मनसे की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम देश के संविधान को मानने वाले लोग हैं। हम सबको साथ लेकर चलने वाले लोग हैं। कुछ पार्टियों की ओर से लगातार मारपीट की जाती है, कानून-व्यवस्था को हाथ में लिया जाता है और जो भाषा तथा व्यवहार इस्तेमाल किया जाता है, वह हमारी संस्कृति के अनुरूप नहीं है।






