लालू प्रसाद ने घोटाले के आरोप पर कहा- हम करेंगे... कोर्ट में आज की सुनवाई में क्या-क्या हुआ?

Land for Job Scam : लालू यादव ने आज कोर्ट में नौकरी के बदले जमीन लेने के आरोप से इनकार किया है। लालू ने सीबीआई की चार्जशीट के आरोप से इनकार किया। पूर्व रेल मंत्री ने कहा कि हम मुकदमे का सामना करेंगे।
Lalu Prasad said on allegations of scam-we will do it...what happened in the court?
लालू प्रसाद। इमेज-सोशल मीडिया
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Lalu Prasad Yadav News : बिहार की सियासत में दशकों से दबदबा रखने वाले लालू प्रसाद यादव का परिवार फिर कानूनी शिकंजे में घिरा नजर आ रहा है। बहुचर्चित जमीन के बदले नौकरी घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर चार्जशीट के बाद लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे झुकेंगे नहीं। अदालत में इस मुकदमे का डटकर सामना करेंगे।

यह मामला उस दौर का है, जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। आरोप है कि उस दौरान रेलवे के ग्रुप-डी पदों पर नियुक्तियों के बदले उम्मीदवारों और उनके परिजनों से जमीनें लिखवाई गईं। जांच एजेंसियों का दावा है कि पटना और आसपास के प्राइम लोकेशन वाली कीमती जमीनें लालू परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम बेहद मामूली दामों पर ट्रांसफर की गईं या गिफ्ट डीड के जरिए दान में ले ली गईं।

अदालत की सख्त टिप्पणी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकारी नौकरियों के बदले संपत्ति हड़पने के लिए एक गहरी और व्यापक साजिश रची गई थी। कोर्ट ने इसे केवल अनियमित नियुक्तियों का मामला न मानकर एक संगठित आपराधिक साजिश की श्रेणी में रखा है। वैसे, अदालत ने यह भी साफ किया कि आरोप तय होने का मतलब दोष सिद्ध होना नहीं है और बचाव पक्ष को अपनी बेगुनाही साबित करने का पूरा मौका मिलेगा।

हम डरेंगे नहीं, लड़ेंगे

अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी और तेज प्रताप यादव को फरवरी माह के भीतर पेश होने का आदेश दिया था। पेशी के दौरान तेजस्वी यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे कानूनी रूप से इस लड़ाई को लड़ेंगे। इस चार्जशीट में कुल 103 आरोपियों के नाम शामिल हैं। इनमें से 5 की मौत हो चुकी है। अब जब आरोप तय होने के बाद नियमित ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होने वाली है तो सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि आने वाले समय में गवाहों और साक्ष्यों की कसौटी पर लालू परिवार की मुश्किलें कितनी बढ़ती हैं। चुनावी साल के करीब आते ही इस कानूनी लड़ाई ने बिहार की राजनीतिक सरगर्मी को और तेज कर दिया है।

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