बंगाल SIR को लेकर SC पहुंची एक और याचिका...तो भड़क उठे CJI सूर्यकांत, पूछा- हम तय करें कि आपके माता पिता कौन?

CJI Suryakant: पश्चिम बंगाल में SIR का मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिका में दोबारा SIR प्रोसेस पर सवाल उठाए गए हैं, जिस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने कड़ी नाराजगी जताई है।
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CJI जस्टिस सूर्यकांत (सोर्स- सोशल मीडिया)
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SIR News: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिका में दोबारा SIR प्रोसेस पर सवाल उठाए गए हैं, जिस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने कड़ी नाराजगी जताई है। खास बात यह है कि SIR का मुद्दा वेस्ट बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) के बीच एक तीखा विवाद बना हुआ है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोहम्मद जिमफरहाद नवाज ने याचिका दाखिल कर पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया में लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट के इस्तेमाल को चुनौती दी थी। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आर्टिकल 32 में आप चाहते हैं कि हम यह तय करें कि आपके पिता, माता, वगैरह कौन हैं। यह आर्टिकल 32 पिटीशन का मजाक है।

कब जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट

शनिवार को एक अधिकारी ने घोषणा की कि फाइनल वोटर लिस्ट 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि स्पेलिंग की गलतियों और गड़बड़ियों के बारे में सुनवाई 27 दिसंबर को शुरू हुई और पूरे राज्य में स्कूलों, क्लब रूम और एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग्स में लगाए गए कैंप में जारी रही। उन्होंने आगे बताया कि चुनाव अधिकारी अब 21 फरवरी तक दस्तावेजों की जांच करेंगे। फाइनल वोटर लिस्ट 28 फरवरी को पब्लिश होने वाली है। असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स के पास पेंडिंग कोई भी डॉक्यूमेंट्स सोमवार तक अपलोड कर दिए जाने चाहिए।

58 लाख नाम वोटर लिस्ट से बाहर

पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान लगभग 58 लाख नाम मृत, डुप्लीकेट या ट्रांसफर होने की वजह से वोटर लिस्ट से बाहर कर दिए हैं। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट दिसंबर में प्रकाशित की गई थी। फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित करने की समयसीमा 14 फरवरी निर्धारित थी जिसे बढ़ाकर 28 फरवरी कर दिया गया है।

7 अधिकारियों पर EC का एक्शन

दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सात अधिकारियों को ड्यूटी में गंभीर लापरवाही और SIR से जुड़े अधिकार का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में तुरंत सस्पेंड कर दिया है। ये सभी अधिकारी इलेक्शन कमीशन के लिए असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे।

आदेशों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि चुनाव आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया है कि वे इन अधिकारियों के खिलाफ अपने-अपने विभागों के माध्यम से तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें और आयोग को इसकी जानकारी दें।

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को 17 फरवरी तक अपने निर्देशों का पालन करने को कहा है, जिसमें BLO को बढ़ा हुआ मानदेय देना और SIR जारी करते समय जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करना शामिल है।

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