लीलावती अस्पताल विवाद: क्या पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की मुश्किलें फिर बढ़ने वाली हैं? वकील ने खोले बड़े राज

Param Bir Singh News: मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी पद से हटा दिया गया है। इस फैसले को उन्होंने कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर वकील ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
Param Bir Singh: लीलावती अस्पताल विवाद: क्या पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की मुश्किलें फिर बढ़ने वाली हैं? वकील ने खोले बड़े राज
परमबीर सिंह (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Param Bir Singh Controversy: मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार मामला पुलिस महकमे से नहीं, बल्कि शहर के प्रतिष्ठित लीलावती अस्पताल (Lilavati Hospital) के मैनेजमेंट से जुड़ा है। हाल ही में परमबीर सिंह को अस्पताल के ट्रस्टी पद से हटा दिया गया था, जिसे अब उन्होंने कानूनी तौर पर चुनौती दी है।

एडवोकेट दीक्षित मेहरा का बड़ा बयान

इस पूरे विवाद पर एडवोकेट दीक्षित मेहरा ने मीडिया से बात करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। मेहरा ने स्पष्ट किया कि परमबीर सिंह को बिना कारण नहीं हटाया गया है। उनके मुताबिक, "परमबीर सिंह के खिलाफ कई गंभीर मुद्दे थे। उन्हें उनके गलत कामों (misdeeds) की वजह से निकाला गया है, और ये तमाम बातें ट्रस्ट की मीटिंग के मिनट्स (Minutes of Meeting) में आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड की गई हैं।" मेहरा ने आगे कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स और आंतरिक दस्तावेजों से यह संकेत मिलते हैं कि सिंह लंबे समय से ट्रस्ट के भीतर 'निगरानी' (scrutiny) में थे। हालांकि, परमबीर सिंह ने अब इन सभी आरोपों और अपने निष्कासन को अदालत में चुनौती दी है।

मामला अभी 'सब्ज्यूडिस' है

जब वकील से इस कानूनी चुनौती की गहराई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सावधानी बरतते हुए कहा, "फिलहाल मामला कोर्ट में है (Sub-judice), इसलिए मैं बहुत अधिक विस्तार में नहीं जा सकता। लेकिन यह पुख्ता जानकारी है कि उन्होंने अपने निष्कासन को चुनौती दी है। उनके खिलाफ जो भी कार्रवाई हुई है, वह नियमों के तहत और उनके आचरण को देखते हुए की गई है।"

विवादों से पुराना नाता

परमबीर सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। एंटीलिया केस और जबरन वसूली के आरोपों के बाद उन्हें पुलिस सेवा से निलंबित कर दिया गया था। अब लीलावती अस्पताल जैसे बड़े संस्थान के ट्रस्ट से हटाए जाना उनके सार्वजनिक जीवन में एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का तर्क है कि ट्रस्ट की गरिमा और कार्यप्रणाली को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। अब सबकी नजरें अदालत के रुख पर टिकी हैं कि क्या परमबीर सिंह अपनी खोई हुई जगह वापस पा सकेंगे या ट्रस्ट का फैसला बरकरार रहेगा।

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