IVF उम्र सीमा पर Bombay High Court सख्त, 50+ महिलाओं को मेडिकल टेस्ट की अनुमति
IVF Age Limit Bombay High Court: मुंबई में दो महिलाओं ने IVF की उम्र सीमा को चुनौती दी है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें मेडिकल टेस्ट की अनुमति दी, लेकिन अंतिम फैसला विशेषज्ञों की राय के बाद होगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
बॉम्बे हाई कोर्ट IVF रूलिंग केस (सौ. सोशल मीडिया )
Bombay High Court IVF Age Limit: मुंबई में IVF (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) की अधिकतम उम्र सीमा को लेकर एक अहम कानूनी मामला सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 53 और 55 वर्ष की दो महिलाओं को फिलहाल मेडिकल फिटनेस टेस्ट कराने की अनुमति दी है।
दोनों याचिकाकर्ताओं ने एआरटी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 के तहत तय अधिकतम 50 वर्ष की उम्र सीमा को चुनौती दी है। इस कानून के अनुसार 21 से 50 वर्ष तक की महिलाओं को ही IVF जैसी तकनीकों की अनुमति है, जिसके चलते उन्हें इलाज से वंचित कर दिया गया था।
महिलाओं का पक्ष
महिलाओं का कहना है कि यह उम्र सीमा मनमानी और भेदभावपूर्ण है तथा उनके मातृत्व और प्रजनन के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है। उन्होंने कोर्ट में मेडिकल सर्टिफिकेट भी पेश किए, जिनमें उन्हें गर्भधारण के लिए फिट बताया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
Mumbai Sextortion Case का भंडाफोड़, महिला क्रिकेटर समेत तीन गिरफ्तार
CSMT पर टला बड़ा रेल हादसा: एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आईं दो लोकल ट्रेनें, फेल-सेफ तकनीक ने बचाई सैकड़ों जानें
Mumbai Local Train: 15 डिब्बों की ट्रेन चलाने की तैयारी, टिटवाला-वासिंद के बीच आज रात मेगा ब्लॉक
CIDCO और NAINA की जमीनें वापस लेगी महाराष्ट्र सरकार, मंत्री बावनकुले ने दिया आदेश, जानें क्या है पूरा मामला
Bombay High Court का संतुलित रुख
बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए माना कि 50 वर्ष से अधिक उम्र में गर्भावस्था के गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। साथ ही, अदालत ने यह भी कहा कि इस विषय पर पर्याप्त वैज्ञानिक डेटा उपलब्ध नहीं है।
मेडिकल टेस्ट की अनुमति
अंतरिम आदेश में कोर्ट ने दोनों महिलाओं को उनकी गर्भधारण क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए मेडिकल टेस्ट कराने की अनुमति दी है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अनुमति IVF उपचार की स्वीकृति नहीं है।
विशेषज्ञों की राय अहम
कोर्ट ने मामले के कानूनी और चिकित्सकीय पहलुओं को समझने के लिए विशेषज्ञों की राय मांगी है और एक ‘एमिकस क्यूरी’ नियुक्त किया है। अब अगली सुनवाई में मेडिकल रिपोर्ट और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ये भी पढ़ें :- Mumbai Sextortion Case का भंडाफोड़, महिला क्रिकेटर समेत तीन गिरफ्तार
फैसले पर टिकी नजरें
इस मामले का फैसला भविष्य में IVF से जुड़ी उम्र सीमा और प्रजनन अधिकारों के कानून पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है, जिस पर देशभर की नजरें टिकी हैं।
