नीरव मोदी धोखाधड़ी केस में बड़ा मोड़, विशेष सीबीआई अदालत ने मामला मजिस्ट्रेट कोर्ट भेजा
Nirav Modi PNB Fraud Case: नीरव मोदी से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने केस मजिस्ट्रेट अदालत को स्थानांतरित कर दिया। CBI ने कहा कि जांच भ्रष्टाचार के पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
नीरव मोदी धोखाधड़ी मामला (सौ. डिजाइन फोटो )
Nirav Modi PNB Fraud Case News: सीबीआई के मामलों की सुनवाई करने वाली यहां की एक विशेष अदालत ने बृहस्पतिवार को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ कथित धोखाधड़ी का मामला मजिस्ट्रेट अदालत में स्थानांतरित कर दिया।
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा था कि पंजाब नेशनल बैंक (सीबीआई) के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप साबित नहीं किए जा सके। बैंक के मुंबई जो कार्यालय की शिकायत के बाद, केंद्रीय एजेंसी ने नीरव मोदी, उससे जुड़ी कंपनियों के निदेशकों और पीएनबी के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
ऋण सुविधाओं का गलत इस्तेमाल
शिकायत के अनुसार, नीरव मोदी की कंपनियों को दी गई ऋण सुविधाओं का गलत इस्तेमाल करके गया है कि एक अंदरूनी जांच के दौरान बैंक को नीरव मोदी की साझेदारी वाली कंपनियों सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टेलर डायमंड्स और डायमंड आर यूएस और उसकी कंपनियों फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड और फायरस्टार डायमंड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के बीच चक्रीय लेनदेन का खुलासा हुआ।
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सुनवाई मजिस्ट्रेट द्वारा की जानी चाहिए
आरोपियों पर शुरू में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई ने हालांकि बृहस्पतिवार को अदालत को बताया कि गहन जांच में पीएनबी अधिकारियों या निजी व्यक्तियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराने लायक सबूत नहीं मिला।
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सीबीआई की ओर से पेश हुए सरकारी वकील विक्रम सिंह ने कहा कि आरोप पत्र के केवल निजी लोगों के खिलाफ ही दायर की जाएगी, इसलिए यह मामला विशेष सीबीआई अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आएगा और इसकी सुनवाई मजिस्ट्रेट द्वारा की जानी चाहिए।
