सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति पर उठाए सवाल, लाडली बहन योजना के लिए फंड ट्रांसफर पर जताई चिंता
Supriya Sule Questions Maharashtra Finances: राकांपा (शरद गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए लाडली बहन योजना के लिए विभागीय फंड ट्रांसफर पर सवाल उठाए।
- Written By: अपूर्वा नायक
सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र की आर्थिक परिस्थिति को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर उठाए सवाल (सौ. डिजाइन फोटो )
Supriya Sule Questions Maharashtra Finances News: राकां (शरद गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय हालत चिंताजनक है और विभिन्न योजनाओं के लिए विभागीय फंड का उपयोग किया जा रहा है जो सही संकेत नहीं है।
सुप्रिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘लाडली बहन’ योजना के लिए सामाजिक न्याय विभाग से फिर से 344 करोड़ रुपये का फंड ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इससे पहले भी इसी विभाग का फंड इस योजना के लिए उपयोग किए जाने के आरोप लग चुके हैं। उन्होंने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान और सामाजिक न्याय विभाग का फंड इस योजना के लिए उपयोग किया जा रहा है जो अत्यंत गंभीर और चिंताजनक स्थिति है।
सम्बंधित ख़बरें
भंडारा में कागजों तक सीमित डम्पिंग यार्ड, सुप्रीम कोर्ट के नियमों की खुलेआम अनदेखी
अमरावती MLC चुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार और यशोमती ठाकुर में आर-पार; अनिल बोंडे और फडणवीस का तीखा पलटवार
गड़चिरोली: 7 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के विरोध में चामोर्शी बंद, पुलिस थाने का घेराव और चक्काजाम
नासिक विधान परिषद चुनाव का सस्पेंस खत्म; गोकुल गिते ने पीछे खींचे कदम, महायुति के नरेंद्र दराडे की राह आसान
सुप्रिया सुले ने राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे पिछले ढाई साल से लगातार कह रही हैं कि महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति दबाव में है। विभिन्न विभागों का फंड अन्य योजनाओं में ट्रांसफर किए जाने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं जो नीति और वित्तीय अनुशासन पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले पर स्पष्ट और आधिकारिक भूमिका सामने रखने की मांग भी की है।
देश की अर्थव्यवस्था पर संवाद हो
- राकांपा (शरद गुट) की नेता सुप्रिया सुले ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से देश की आर्थिक स्थिति पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की जनता ईधन की बढ़ती कीमतों और एलपीजी सब्सिडी में कटौती जैसी समस्याओं का सामना कर रही है।
- देश के सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने के लिए राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर अर्थशास्त्रियों ली से जानी चाहिए।
- उन्होंने भाजपा पर ‘दली को तोड़ने की आदत’ होने का आरोप लगाते हुए इस चलन को लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह बताया। सकांपा (एसपी) नेता ने कहा कि देश सबसे पहले आता है, उसके बाद राज्य, पार्टी और परिवार। अगर देश सुरक्षित रहेगा तो बाकी सब कुछ भी सुरक्षित रहेगा।
- विपक्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार के साथ मजबूती से खड़ा था और आर्थिक मुद्दों से निपटने में भी वैसा ही समर्थन देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि देश आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा है।
ये भी पढ़ें :- राकां स्थापना दिवस पर नेताओं की जुबानी जंग, तटकरे-भुजबल के बीच मंच से तीखी नोकझोंक
मनमोहन सिंह के योगदान का किया जिक्र
सुले ने देश के विकास में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के योगदान का जिक्र किया और कहा कि सत्ता में 12 साल रहने के बाद भी भाजपा कांग्रेस को ही निशाना बनाती रही है। प्रधानमंत्री मोदी के कांग्रेस पर हमले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर मैंने 12 साल काम किया होता तो मैं अपने काम के बारे में बात करती। 12 साल बाद भी भाजपा को कांग्रेस के बारे में ही बात करनी पड़ती है। यही कांग्रेस की सफलता है।
