
नवाब मलिक (सौजन्य-एएनआई)
BMC Election 2026: मुंबई महानगरपालिका के आम चुनाव को लेकर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और मुंबई विभागीय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नवाब मलिक ने आरोप लगाया है कि चुनाव निर्णय अधिकारी भारी दबाव में काम कर रहे हैं और कानून व नियमों की अनदेखी की जा रही है।
नवाब मलिक ने दावा किया कि कई जगहों पर उनके गुट के उम्मीदवारों के नामांकन अवैध तरीके से खारिज किए गए हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में अपात्र उम्मीदवारों को नियमों के विपरीत पात्र घोषित कर दिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया और कहा कि चुनाव आयोग को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
मलिक ने कहा कि जानबूझकर यह धारणा फैलाई जा रही है कि अजीत पवार गुट के केवल 14 या उससे कम उम्मीदवार ही जीत पाएंगे। उन्होंने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस बार पार्टी के इससे कहीं अधिक उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे और परिणाम कई लोगों को चौंकाएंगे।
भाजपा और शिंदे गुट के कुछ नेताओं द्वारा दिए गए बयानों पर पलटवार करते हुए नवाब मलिक ने कहा कि कुछ लोग खुलेआम कहते थे कि यदि वे गठबंधन में रहेंगे तो साथ नहीं आएंगे। इसके बावजूद उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने दृढ़ता दिखाते हुए उनके साथ खड़े रहने का फैसला किया, जो पार्टी की एकजुटता को दर्शाता है।
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मलिक ने जानकारी दी कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 94 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही है, जबकि दो सीटों पर पार्टी समर्थित उम्मीदवार मैदान में हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता सच्चाई को समझेगी और निष्पक्ष मतदान के जरिए सही जनादेश देगी।






