
मुंबई न्यूज (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने बैंकों से फसल ऋण लेते समय लगने वाले स्टांप (मुद्रांक) शुल्क को माफ करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह फैसला 1 जनवरी 2026 से लागू होगा, जिससे राज्य के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र (गजट) भी जारी कर दिया गया है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को इस निर्णय की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 2 लाख तक के सभी कृषि और फसल ऋण लेन-देन पर स्टांप शुल्क पूरी तरह माफ किया जाएगा।
इस संबंध में राजस्व एवं वन विभाग द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि खेती एक अत्यंत जोखिम भरा व्यवसाय है। मौसम में लगातार हो रहे बदलावों का सीधा असर खेती पर पड़ता है, जिससे किसानों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ऐसी स्थिति में फसल ऋण किसानों के लिए बेहद आवश्यक होता है, लेकिन ऋण लेते समय लगने वाला अतिरिक्त खर्च उनकी परेशानियों को बढ़ा रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह राहत देने वाला निर्णय लिया है। यह फैसला महाराष्ट्र स्टांप अधिनियम, 1958 की धारा 9 के खंड (अ) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए, जनहित में आवश्यक समझाकर लिया गया है।
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इस फैसले पर कृषि विशेषज्ञों ने भी संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि खेती के लिए बीज, खाद, कीटनाशक, मशीनरी आदि की खरीद हेतु किसानों को अधिक पूंजी की आवश्यकता होती है। स्टांप शुल्क माफ होने से ऋण की पूरी राशि सीधे कृषि कार्यों में उपयोग की जा सकेगी, गौरतलब है कि इससे पहले भी राज्य सरकार ने सभी प्रकार के प्रतिज्ञापत्रों (अफिडेविट) पर लगने वाला 500 का स्टांप शुल्क माफ किया था, जिससे 10वीं-12वीं के छात्रों सहित करोड़ों नागरिकों को लाभ मिला था। इस नए निर्णय का लाभ राष्ट्रीयकृत बैंकों, सहकारी बैंकों तथा ग्रामीण बैंकों के माध्यम से लिए जाने वाले कृषि और फसल ऋण लेन-देन पर मिलेगा।






