क्या सच में बालासाहेब ठाकरे की पोती ने की थी पाकिस्तानी मुस्लिम से शादी? हकीकत जानकर रह जाएंगे दंग!

Bal Thackeray Granddaughter Wedding Truth: बालासाहेब ठाकरे की जयंती पर जानिए उनकी पोती नेहा की शादी से जुड़ा वह विवाद, जब पाकिस्तानी मीडिया ने अफवाह के जरिए ठाकरे परिवार की छवि बिगाड़ने की कोशिश की थी।
Balasaheb Thackeray Granddaughter Neha Thackeray Marriage Truth
नेहा ठाकरे की शादी में आशीर्वाद देने पहुंचे थे बालासाहेब ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Balasaheb Thackeray Granddaughter Neha Thackeray Marriage Truth: महाराष्ट्र की राजनीति के 'शिखर पुरुष' और शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का नाम आते ही एक आक्रामक छवि सामने आती है। एक साधारण कार्टूनिस्ट से 'हिंदू हृदय सम्राट' बनने का उनका सफर जितना साहसपूर्ण रहा, उतने ही उनके साथ विवाद भी जुड़े। आज उनकी जयंती पर हम आपको उनसे जुड़े कुछ अनछुए किस्सों के बारे में बता रहे हैं।

पाकिस्तानी मीडिया का दुष्प्रचार

बालासाहेब ठाकरे का व्यक्तित्व हमेशा से स्पष्ट रहा वे हिंदुत्व और 'मराठी मानुस' के अधिकारों के लिए लड़ने वाले सबसे प्रखर नेता थे। उनकी इसी कट्टर छवि के कारण वे अक्सर पड़ोसी देश पाकिस्तान और वहां की मीडिया के निशाने पर रहते थे। उनके जीवन का एक सबसे कठिन समय तब आया जब उनकी पोती नेहा ठाकरे (बालासाहेब के दिवंगत बेटे बिंदु माधव ठाकरे की बेटी) के विवाह को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत खबरें फैलाई गईं। उस दौरान पाकिस्तानी मीडिया में यह खबर प्रमुखता से चली कि शिवसेना प्रमुख की पोती ने एक पाकिस्तानी मुस्लिम युवक से निकाह कर लिया है। चूंकि बालासाहेब का पूरा राजनीतिक आधार ही कट्टर राष्ट्रवाद और पाकिस्तान के विरोध पर टिका था, इसलिए इस अफवाह का मकसद सीधे तौर पर उनकी वैचारिक साख और छवि को नुकसान पहुंचाना था।

क्या था नेहा की शादी का असली सच?

जैसे ही यह अफवाह भारत में फैली, राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया। विरोधियों ने इसे बालासाहेब की विचारधारा की हार के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। हालांकि, जल्द ही इस झूठ का पर्दाफाश हो गया।

सच्चाई यह थी कि नेहा ठाकरे, जो एक सफल ज्वेलरी डिजाइनर हैं, उनकी शादी किसी पाकिस्तानी या मुस्लिम युवक से नहीं, बल्कि एक भारतीय गुजराती युवक से हुई थी। उनके पति का नाम डॉ. मनन ठक्कर है। मनन ठक्कर एक पेशेवर डॉक्टर हैं और उनका परिवार लंबे समय से मुंबई में रह रहा था।

Balasaheb Thackeray Granddaughter Neha Thackeray Marriage
पोती नेहा से बात करते बालासाहेब ठाकरे

मनन ठक्कर के धर्म परिवर्तन की भी उड़ी अफवाहें

शादी के बाद भी विवाद थमा नहीं था। सोशल मीडिया और कुछ असत्यापित माध्यमों से यह दावा किया जाने लगा कि शादी के लिए मनन ठक्कर का धर्म परिवर्तन कराया गया है। ठाकरे परिवार ने इन दावों को पूरी तरह आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल शादी में खुद बालासाहेब ठाकरे शामिल हुए थे और उन्होंने अपनी पोती को आशीर्वाद दिया था। परिवार ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुई शादी थी। इस स्पष्टीकरण ने उन सभी षड्यंत्रों पर विराम लगा दिया, जो ठाकरे परिवार की 'हिंदुत्व' वाली छवि को धूमिल करने के लिए रचे गए थे।

एक कार्टूनिस्ट से जननेता बनने का सफर

बालासाहेब का जीवन सिर्फ इन विवादों तक सीमित नहीं था। उन्होंने 'फ्री प्रेस जर्नल' में एक कार्टूनिस्ट के रूप में अपना करियर शुरू किया था, लेकिन उनके भीतर का विद्रोही उन्हें राजनीति में ले आया। 1966 में शिवसेना की स्थापना के बाद उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा ही बदल दी। उनके एक इशारे पर मुंबई ठहर जाती थी। आज उनकी जयंती पर यह याद करना जरूरी है कि उन्होंने न केवल राजनीति की, बल्कि अपनी शर्तों पर जीवन जिया।

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