शिरडी में अमित शाह के साथ फडणवीस, शिंदे और पवार की हाईलेवल बैठक, 45 मिनट तक इन मुद्दों पर हुई चर्चा

Amit Shah high-level meeting: अमित शाह ने शिरडी में फडणवीस, शिंदे और पवार के साथ 45 मिनट तक हाईलेवल मीटिंग की। इस मीटिंग में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
अमित शाह ने सीएम और उपमुख्यमंत्रियों संग की मुलाकात (pic credit; social media)
अमित शाह ने सीएम और उपमुख्यमंत्रियों संग की मुलाकात (pic credit; social media)
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Amit Shah in Shirdi: महाराष्ट्र में हाल ही में हुई असामयिक और अत्यधिक बारिश ने राज्य के कई जिलों में किसानों की कमर तोड़ दी है। हजारों एकड़ भूमि पर खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में आर्थिक संकट गहरा गया है। धान, कपास, सोयाबीन और गन्ने की फसलें भारी नुकसान से प्रभावित हुई हैं।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार देर रात शिरडी में एक अहम बैठक की। इस बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार शामिल हुए। बैठक लगभग 45 मिनट तक चली और इसमें मुख्य रूप से किसानों के लिए वित्तीय राहत पैकेज, क्षतिग्रस्त फसलों का जिला-वार सर्वे, और प्रशासनिक सहायता की तात्कालिक व्यवस्था पर चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान तुरंत किया जाए और राहत राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जाए। बैठक में राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) से सहायता वितरण की प्रक्रिया, केंद्र की ओर से संभावित विशेष राहत पैकेज, और फसलों के नुकसान का जिला-वार मूल्यांकन भी शामिल रहा।

महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तरी महाराष्ट्र के कई हिस्सों में फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हजारों किसानों की आजीविका संकट में है, इसलिए राज्य और केंद्र के संयुक्त प्रयास से उन्हें तत्काल राहत पहुंचाना जरूरी है।

अमित शाह ने बैठक में जोर दिया कि किसानों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि कृषि उपकरण, बीज और खाद जैसी सामग्री भी तुरंत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को मजबूत किया जाए ताकि फसल नुकसान का पूरा आंकलन हो और मदद समय पर मिल सके।

बैठक के बाद कृषि और वित्त विभाग के अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित जिलों में सर्वे जल्द शुरू कर दिया जाएगा और राहत राशि का वितरण तेजी से किया जाएगा। किसानों के लिए विशेष हेल्पलाइन और ऑन-ग्राउंड सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

इस बैठक ने एक बार फिर दिखा दिया कि राज्य और केंद्र मिलकर किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दे रहे हैं और बारिश से हुए नुकसान के प्रभाव को कम करने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।

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