
अजित पवार और माणिकराव कोकाटे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
मुंबई: कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे के विवादित बयान राज्य की महायुति सरकार की किरकिरी का कारण बनने लगे हैं। इस पर अब मंत्री कोकाटे की पार्टी राकां के मुखिया व उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने भी अब नाराजगी व्यक्त की है। अजित ने रविवार को कहा कि कृषि मंत्री के बयान अब मुझे महंगे पड़ने लगे हैं। इसी के साथ उन्होंने कोकाटे को यह नसीहत भी दी कि राजनीति में कुछ बातें मन में ही रखनी पड़ती हैं।
पुणे में कोकाटे के बयान के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए डीसीएम अजित पवार ने कहा कि मैंने पहले भी कोकाटे से कहा है कि किसानों के बारे में सोच समझ कर बयान दिया जाना चाहिए। किसान अन्नदाता है। वह लाखों लोगों का पेट भरता है। हम भी बहुत कुछ जानते हैं। लेकिन सब कुछ बोलना जरूरी नहीं होता है। इस दौरान अजित ने यह कह कर कोकाटे का बचाव भी किया कि कोकाटे को अभी सब बातें मन में रखने की आदत नहीं पड़ी है, इसलिए ये सब हो रहा है। लेकिन, ये बयान मुझे बहुत भारी पड़ रहे हैं और इससे मुझे बहुत अधिक नुकसान हो रहा है।
कृषि मंत्री कोकाटे काम से ज्यादा अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। बीते सप्ताह नासिक में बेमौसम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान के जायजा लेने गए कोकाटे ने फसलों के पंचनामे के संबंध में सवाल पूछे जाने पर किसान को फटकार लगाते हुए कहा था कि कटी हुई फसल का पंचनामा क्या करें, क्या खेत में पड़े ढकेले (गट्ठरों) का पंचनामा करें?
इसके दो दिन बाद उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर में कृषि विभाग को उजड़े हुए गांव की जमींदारी कह दिया। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा था, उप मुख्यमंत्री अजित ने मुझे कृषि मंत्रालय जानबूझकर दिया है। इसी तरह कोकाटे ने किसानों की कर्जमाफी को लेकर भी विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि किसान कर्ज का पैसा कृषि में खर्च नहीं करते। वे शादी-विवाह व जन्मदिन समारोह में पैसा खर्च करते हैं।






