बारामती में सुनेत्रा पवार की राह नहीं होगी आसान! ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने किया उपचुनाव लड़ने का ऐलान

Baramati Byelection: अजित पवार के निधन के बाद बारामती उपचुनाव में 'निर्विरोध' चुनाव की उम्मीदें टूटीं। ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने सुनेत्रा पवार के खिलाफ ताल ठोककर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
Laxman Hake vs Sunetra Pawar in Baramati Assembly by-election
लक्ष्मण हाके व सुनेत्रा पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sunetra Pawar Vs Laxman Hake: महाराष्ट्र की राजनीति का गढ़ माने जाने वाले बारामती में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन के बाद यह माना जा रहा था कि बारामती विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव 'निर्विरोध' होगा। महायुति सरकार और विपक्षी दलों की ओर से भी ऐसे संकेत मिले थे कि पवार परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया जाएगा। इसी रणनीति के तहत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को मैदान में उतारने का फैसला किया।

लक्ष्मण हाके की एंट्री ने बिगाड़ा समीकरण

हालांकि, अब यह मुकाबला एकतरफा नहीं रहने वाला है। कद्दावर ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने चुनाव मैदान में उतरने का संकल्प लेकर सबको चौंका दिया है। हाके ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि मैं यह चुनाव लड़ूंगा और जीतकर दिखाऊंगा। अगर महायुति को सुनेत्रा पवार को सदन में भेजना ही है, तो उन्हें विधान परिषद (MLC) के जरिए भेजा जाए, लेकिन बारामती की जनता को अपना प्रतिनिधि चुनने का हक मिलना चाहिए।

नीतियों के खिलाफ संघर्ष का आह्वान

लक्ष्मण हाके ने केवल उम्मीदवारी ही नहीं जताई, बल्कि राज्य सरकार की नीतियों पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि उनका यह चुनाव लड़ना किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार की उन नीतियों के खिलाफ है जिससे आम जनता और ओबीसी समाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह शरद पवार को निर्विरोध राज्यसभा भेजा गया, वैसी परंपरा हर जगह लागू करना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।

क्या होगा बारामती का चुनावी मिजाज?

महायुति की योजना बारामती में सहानुभूति की लहर पर सवार होकर सुनेत्रा पवार को आसानी से विधानसभा भेजने की थी। लेकिन हाके की एंट्री ने इसे 'पवार बनाम ओबीसी राजनीति' का रंग दे दिया है। बारामती के स्थानीय मतदाताओं के बीच लक्ष्मण हाके की पकड़ और उनके तीखे तेवर सुनेत्रा पवार की राह में मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। अब देखना यह होगा कि क्या राजनीतिक दल हाके को मनाने में सफल होते हैं या बारामती में एक हाई-वोल्टेज चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा।

कब होगा चुनाव?

बता दें कि महाराष्ट्र के पुणे जिले की बारामती और अहिल्यानगर जिले की राहुरी विधानसभा सीट के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा और 4 मई को मतगणना होगी। बारामती सीट NCP के पूर्व नेता अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई थी। वहीं राहुरी बीजेपी विधायक शिवाजी कर्डीले के निधन से खाली हुई थी।

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