जिस बेटी की डोली उठनी थी, उसकी अर्थी उठी! अजित पवार प्लेन क्रैश की को-पायलट शांभवी पाठक की दर्दनाक कहानी
Shambhavi Pathak Death: बारामती प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली को-पायलट शांभवी पाठक की कहानी बेहद भावुक है। जिस घर में मार्च में शादी की खुशियां गूंजनी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
- Written By: आकाश मसने
कैप्टन शांभवी पाठक (सोर्स: सोशल मीडिया)
Co Pilot Shambhavi Pathak Story: महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने न केवल एक होनहार पायलट को हमसे छीन लिया, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया। अजित पवार के साथ इस क्रैश में जान गंवाने वाली को-पायलट शांभवी पाठक की शादी मार्च में तय थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
नए घर में खुशियों की जगह पसरा सन्नाटा
दिल्ली के सफदरजंग एनक्लेव (A-1 ब्लॉक) में स्थित घर संख्या 313, जहां कुछ दिन पहले तक नई शुरुआत की उमंग थी, वहां अब केवल खामोशी और आंसू हैं। शांभवी का परिवार हाल ही में इस घर में शिफ्ट हुआ था। घर में सामान के डिब्बे अभी भी पैक पड़े हैं और गृह प्रवेश की रस्म भी पूरी नहीं हो पाई थी।, पड़ोसियों के अनुसार, परिवार एक नई जिंदगी शुरू करने की तैयारी में जुटा था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ एक पल में रोक दिया।
मार्च में होनी थी शादी, मां का बुरा हाल
शांभवी पाठक की शादी इसी साल मार्च महीने में होने वाली थी। घर में उत्सव का माहौल था और शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। शांभवी की मां एयरफोर्स बाल भारती स्कूल में एक शिक्षिका हैं। वो अपनी बेटी के भविष्य के लिए कई सुनहरे सपने देख रही थीं। जिस बेटी की डोली उठाने की तैयारी पिता कर रहे थे, आज उसी की अर्थी को कंधा देना पड़ा। शांभवी अपने पीछे न केवल एक अधूरा गृह प्रवेश, बल्कि एक अधूरी प्रेम कहानी भी छोड़ गई हैं।
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सपनों की उड़ान और शानदार करियर
शांभवी की शिक्षा और करियर की यात्रा किसी प्रेरणा से कम नहीं थी। उन्होंने एयरफोर्स बाल भारती स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद न्यूजीलैंड से उड़ान का प्रशिक्षण लिया। उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स में ग्रेजुएशन किया था। साल 2022 से वह VSR वेंचर्स में ‘फर्स्ट ऑफिसर’ के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। उनके पास फ्रोजन ATPL सहित कई महत्वपूर्ण विमानन प्रमाण पत्र थे, जो उनकी काबिलियत को दर्शाते हैं।
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कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
यह हादसा महाराष्ट्र के बारामती एयर स्ट्रिप के पास हुआ, जब ‘लियरजेट 45’ विमान लैंडिंग से ठीक पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में शांभवी के साथ मुख्य पायलट सुमित कपूर भी मौजूद थे। इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ कुल 5 लोगों को मौत हुई। इस हादसे ने विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है और अब एविएशन अथॉरिटी ने सुरक्षा व प्रशिक्षण के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
शांभवी को उनके मिलनसार स्वभाव और आत्मविश्वास के लिए जाना जाता था। आज उनकी कमी न केवल उनके परिवार को, बल्कि उन सभी लोगों को खल रही है जिन्होंने इस होनहार पायलट को आसमान छूने का सपना देखते देखा था।
