पांच दिवसीय कार्यसप्ताह की मांग पर बैंक हड़ताल, अकोला में कामकाज ठप; आम नागरिक परेशान

Akola Bank Employees Protest News: अकोला में बैंक कर्मचारी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के नेतृत्व में पांच दिन बैंकिंग की मांग को लेकर बाइक रैली निकाली, चेतावनी दी कि न मानने पर आंदोलन तेज होगा।
Bank employees in Akola went on strike demanding a five-day bank holiday, leaving citizens worried
बैंक कर्मचारी तस्वीर ( सोर्स : नवभारत )
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5-day Banking Demand: केंद्र सरकार और आईबीए की टालमटोल नीति के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स, अकोला के नेतृत्व में बुधवार को पांच दिन बैंकिंग लागू करने की मांग को लेकर शहर में बाइक रैली निकाली गई।

यह रैली बैंक ऑफ महाराष्ट्र, जठारपेठ स्थित जोनल ऑफिस से शुरू होकर कोर्ट-अग्रसेन चौक, उड़ानपुल होते हुए बैंक ऑफ इंडिया, गोरक्षण रोड शाखा तक संपन्न हुई। इस रैली में शहर और जिले की विभिन्न राष्ट्रीयकृत व ग्रामीण बैंकों के 350 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

भविष्य में तीव्र आंदोलन की दी गई चेतावनी

रैली के दौरान "पांच दिन बैंकिंग हमारा हक है", "अब संयम खत्म हुआ", "मांगें मानो अन्यथा आंदोलन तीव्र होगा।" इन आक्रामक नारों से पूरा शहर गूंज उठा। सभा में प्रवीण महाजन, कुलदीप महाल्ले, आशीष गोसावी, हर्षल बोर्डे और अभिजीत ताले ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पांच दिन बैंकिंग की मांग वर्षों से लंबित है और सरकार व आईबीए जानबूझकर इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। यदि मांग तुरंत पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और अधिक तीव्र, व्यापक और निर्णायक रूप लेगा।

सरकारी नीतियों के खिलाफ नारे

वक्ताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारी बढ़ते काम के दबाव और कम स्टाफ के बावजूद देश की आर्थिक व्यवस्था संभाल रहे हैं, ऐसे में पांच दिन बैंकिंग कोई सुविधा नहीं बल्कि उनका मूलभूत अधिकार है। आंदोलन के सफल आयोजन में अनूप टापरे, उमेश शेलके, मंगेश डामरे, अमोल इंगले, नीलेश देशमुख, चित्रांगण मावले, शुभांगी मानकर और अन्य सहयोगियों ने विशेष परिश्रम किए। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स, अकोला ने अंत में स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पांच दिन बैंकिंग की मांग तुरंत लागू नहीं हुई तो देशभर के बैंक कर्मचारी और कठोर संघर्ष का मार्ग अपनाएंगे।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स की हड़ताल

  • देशभर के लगभग 18 लाख बैंक कर्मी शामिल हुए
  • पांच दिवसीय कार्यसप्ताह को तत्काल लागू करने की मांग
  • केंद्र सरकार द्वारा अब तक अधिसूचना जारी नहीं
  • पूरे दिन बैंकिंग सेवाएं रही बाधित
  • अनेक ATM रहे ‘कैशलेस’

एक दिन के वेतन का त्याग कर आंदोलन को मजबूर कर्मी

हड़ताल के कारण आम जनता को हुई असुविधा के लिए बैंक कर्मचारी खेद प्रकट करते है, लेकिन इसके लिए पूरी तरह केंद्र सरकार जिम्मेदार है। सरकार की अनावश्यक देरी के कारण मजबूरन बैंक कर्मचारियों को अपना एक दिन का वेतन त्याग कर आंदोलन करना पड़ रहा है।

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