
रितु तावड़े (डिजाइन फोटो)
Ritu Tawde Vinod Tawde Relation: 2014 से पूरे देश व उसके बाद अधिकांश राज्यों में सत्तासीन बीजेपी का अब देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर भी राज होगा। देश की सबसे बड़ी महानगरपालिका मुंबई के मेयर पद के लिए बीजेपी ने पार्षद रितु तावड़े को उम्मीदवार बनाया है। पिछले माह हुए बीएमसी चुनाव में बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को मिले बहुमत से रितु तावड़े का मेयर बनना तय है। इसी तरह शिवसेना ने डिप्टी मेयर पद के लिए संजय घाड़ी को उम्मीदवार बनाया है।
अब तक यही चर्चा थी कि बीजेपी मुंबई में अपना पहला मेयर बनाएगी, परन्तु 44 साल पहले ही प्रभाकर संजीव पई के रूप में मुंबई में बीजेपी को पहला मेयर मिला था। 1980 में बीजेपी की स्थापना के दो साल बाद ही 1982-83 में पार्टी के नेता डॉ. प्रभाकर पई को एक साल के लिए मेयर बनने का मौका मिला था। डॉ. पई बेस्ट समिति के चेयरमैन भी रहे। इस तरह 4 दशक बाद रितु तावड़े के रूप में मुंबई में बीजेपी का मुंबई में मेयर की कुर्सी पर कब्जा होगा। पिछले 25 सालों से लगातार मेयर की कुर्सी उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के पास थी।
रितु तावड़े 2012 से लगातार 3 बार बीजेपी की कॉर्पोरेटर हैं। वे तीनों बार अलग अलग वार्ड से चुनीं गईं हैं। 2012 में पहली बार 127 से, 2017 में 121 से और 2026 के बीएमसी चुनाव में वे पूर्वी उपनगर घाटकोपर के वार्ड नंबर 132 से निर्वाचित हुईं। इससे पहले वे बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
लगभग हर पार्टी में चलने वाले भाई भतीजावाद की तरह यह भी चर्चा है कि रितु तावड़े बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की रिश्तेदार हैं, परंतु यह स्पष्ट किया गया कि एक ही पार्टी का नेता और एक ही उपनाम होने के अलावा पूर्व मंत्री विनोद तावड़े और रितु तावड़े के बीच कोई सीधा नाता संबंध नहीं है। मूल रूप से कोंकण से आने वाली रितु तावड़े शुरुआत में कांग्रेस में थीं और 2012 में ही उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। मुंबई बीजेपी नेताओं के अनुसार तावड़े जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं। वे स्थानीय लोगों से जुड़ाव के लिए भी जानी जाती हैं।
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मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष अमित साटम ने कहा कि महायुति ने पहले दिन से ही यह दावा किया था कि मुंबई का महापौर एक मराठी और हिंदू होगा। बीएमसी के 227 सदस्यीय चुनावों में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना ने 29 सीटें जीतीं। सत्तारूढ़ गठबंधन, जिसके पास कुल 118 पार्षद हैं, जो बहुमत के आंकड़े से 4 अधिक है।
11 फरवरी को मेयर चुनाव के बाद देश की सबसे अमीर मनपा बीएमसी में 2022 से चला आ रहा प्रशासक राज खत्म हो जाएगा। जिसका 2025-26 के लिए बजट 74,450 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। यह कई छोटे राज्यों के बजट से भी अधिक है।






