
मंत्री संजय राठोड
मुंबई. शिवसेना शिंदे गुट के नेता और महाराष्ट्र की महायुति सरकार में अन्न व औषध प्रशासन मंत्री संजय राठोड एक नई मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। मामला भूखंड के श्रीखंड से जुड़ा है। मंत्री राठोड ने अपनी निजी संस्था के मार्फत सामाजिक कार्य के नाम पर सरकार से भूखंड की मांग की थी। इस संदर्भ में राठोड के निजी सचिव ने सिडको को पत्र लिखा था, जिसके बाद हरकत में आए सिडको प्रशासन ने सालभर के अंदर नई मुंबई में 5600 वर्ग फुट का भूखंड आवंटित कर दिया। इसमें नियमों के उल्लंघन का खुलासा होने का खुलासा होने से बवाल मचा तो अब मंत्री राठोड जमीन वापस लौटाने की बात कहकर पिंड छुड़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
“अखिल भारतीय बंजारा सेवा संघ” (एआईबीएसएस) ने नवंबर 2022 में बंजारा समुदाय के लिए जगह की मांग की थी। इस मांग के अनुरूप, राज्य सरकार ने नवंबर 2023 में नवी मुंबई में सिडको के स्वामित्व वाली 5,600 वर्ग मीटर की जमीन “श्री संत रामराव महाराज चैरिटेबल ट्रस्ट” को सौंप दिया। मंत्री राठौड़ इस संस्था के प्रमुख हैं।
बताया जा रहा है कि जमीन बांटने के दौरान संजय राठौड़ के निजी सचिव विशाल राठौड़ ने मंत्री के लेटरहेड पर सिडको के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा था। इस वजह से मंत्री राठोड पर सत्ता के दुरुपयोग और अनैतिक लेनदेन का आरोप लग रहा है। विशाल राठौड़ ने पहला पत्र 16 जून 2023 को लिखा था। लेकिन बंजारा समुदाय के लिए भूखंड निर्धारित होने के बाद उन्होंने नवंबर महीने में लिखे पत्र के जरिए इसे संत डाॅ।राम राव महाराज चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर वितरित किए जाने की मांग कर दी।
इस पत्र के बाद सिडको ने 28 जुलाई 2023 को नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा। इस पत्र में फरवरी 2023 में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के एआईबीएसएस प्लॉट के अनुरोध और इस संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश का हवाला दिया गया था। यह भी बताया गया कि 8 मई 2023 को मुख्य सचिव ने सिडको से आरक्षित भूखंडों का प्रस्ताव भेजने को कहा था। अगले ही दिन यानी 9 मई 2023 को मंत्री संजय राठोड ने सिडको कार्यालय का दौरा किया और सिडको द्वारा प्रस्तावित तीन भूखंडों का निरीक्षण किया। उसने उनमें से दो को प्राथमिकता दी। फिर 16 जून 2023 को निजी सचिव विशाल राठौड़ ने मंत्री संगठन को उक्त भूखंड हस्तांतरित करने के लिए पत्र लिखा।
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अखिल भारतीय गोर बंजारा जागरण परिषद ने आरोप लगाया है कि संजय राठौड़ की संस्था को प्लॉट देने में सत्ता का दुरुपयोग किया गया है। साथ ही इस संगठन ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त से भी की है। परिषद सचिव विट्ठल दर्वे ने कहा कि भूखंड वितरण में भ्रष्टाचार हुआ है और मंत्री की संस्था को गलत तरीके से भूखंड आवंटित किए गए हैं। हमने मामले की गहन जांच के लिए लोकायुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई है और जरूरत पड़ने पर हम राज्यपाल के पास जाने के लिए भी तैयार हैं।
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संजय राठोड ने कहा कि अगर कोई अन्य संगठन आगे आता है जो बंजारा समुदाय के लिए सामाजिक कार्य करना चाहता है, तो हम उन्हें यह भूखंड देंगे। यह जमीन लाभ के लिए नहीं बल्कि सामाजिक कार्य के लिए मांगी गई है, इसलिए मंत्री होने के नाते हमारी इसमें कोई रुचि नहीं है। हमारा संगठन बंजारा समुदाय के लिए एक सामाजिक केंद्र स्थापित करने के इच्छुक कई संगठनों में से एक था।






