
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Abandoned Vehicles: छत्रपति संभाजीनगर शहर की सड़कों पर वर्षों से खड़ी लावारिस, जर्जर और कचाड़ा बनी गाड़ियों के दिन अब पूरे होने वाले हैं। यातायात में बाधा, दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं और सुरक्षा से जुड़े खतरे को देखते हुए मनपा और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया है।
आने वाले दिनों में शहर की प्रमुख और आंतरिक सड़कों से ऐसी गाड़ियों को उठाकर जब्त किया जाएगा। शहर के कई हिस्सों में सड़क किनारे खड़ी पुरानी गाड़ियां अब केवल पार्किंग की समस्या नहीं, बल्कि यातायात और कानून व्यवस्था के लिए सीधा खतरा बन चुकी हैं।
संकरी सड़कों पर खड़ी इन गाड़ियों के कारण रोज जाम को स्थिति बनती है। दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और चोरी तथा असामाजिक गतिविधियों के बाद पुलिस पर जिम्मेदारी बढ़ जाती है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कठोर निर्णय लिया है।
प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक क्षेत्र में मनपा और पुलिस की संयुक्त टीम सर्वे कर लावारिस और लंबे समय से खड़ी निष्क्रय गाड़ियों की पहचान करेगी। सूची तैयार होने के बाद बिना देरी किए वाहनों को उठाने की कार्रवाई की जाएगी।
जुर्माना अदा किए बिना वाहन वापस नहीं किए जाएंगे, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे और कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी, करीब डेढ़ वर्ष पहले भी मनपा ने इसी तरह की मुहिम चलाई थी।
उस समय सड़कों से हटाई गई गाड़ियों को गरवारे स्टेडियम परिसर में रखा गया था। जुर्माना भरने के बाद वाहन मालिकों ने गाड़ियां वापस ले ली थी। लेकिन पार्किंग सुविधाओं की कमी और नियमों की अनदेखी के कारण हालात फिर जस के तस हो गए। अब प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि प्रत्येक जोन में सहायक आयुक्त और संबंधित पुलिस थाने के निरीक्षक संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। यह अभियान चरणबद्ध नहीं, बल्कि निरंतर चलेगा ताकि सड़कों पर दोबारा लावारिस गाड़ियां खड़ी न हों।
शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रतिदिन हजारों नागरिक आते हैं। पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर वाहन खड़े किए जाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। इस क्षेत्र में अव्यवस्थित पार्किंग पर अब विशेष निगरानी रखी जाएगी।
इस समस्या के समाधान के लिए मनपा ने मोबाइल एप आधारित पार्किंग व्यवस्था विकसित की है। इसके माध्यम से वाहन चालक शुल्क देकर पार्किंग स्थान आरक्षित कर सकेंगे। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने की सड़क पर इसे प्रायोगिक रूप से लागू किया जाएगा। इससे अवैध पार्किंग पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
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प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि सड़कों को पार्किंग स्थल समझने की मानसिकता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्वेच्छा से लावारिस और निर्षक्रय वाहन हटाएं और शहर को सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाने में सहयोग करें।






