विदेश मंत्री जयशंकर की अमेरिका यात्रा: महत्वपूर्ण खनिजों और द्विपक्षीय व्यापार पर मार्को रुबियो से होगी चर्चा

Jaishankar US Visit: विदेशमंत्री एस जयशंकर तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे पर हैं, जहां वे वाशिंगटन में मार्को रुबियो से मिलेंगे। इस यात्रा में जरूरी खनिज आपूर्ति और द्विपक्षीय रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है।
EAM Jaishankar’s US Visit: Strengthening Strategic Ties and Critical Mineral Supply Chains
विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (सोर्स-सोशल मीडिया)
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US India Critical Minerals Cooperation: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं जहां से वे वाशिंगटन की यात्रा करेंगे। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान वे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे और महत्वपूर्ण खनिजों पर केंद्रित एक उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे। अमेरिका भारत महत्वपूर्ण खनिज सहयोग के माध्यम से दोनों राष्ट्र अपनी तकनीकी और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह दौरा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते की घोषणा के बाद रणनीतिक संबंधों को नई गति प्रदान करेगा।

वाशिंगटन में द्विपक्षीय वार्ता

विदेश मंत्री एस जयशंकर 2 फरवरी से 4 फरवरी तक की अपनी यात्रा के दौरान वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मंगलवार को मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों की गहराई से समीक्षा किए जाने की पूरी उम्मीद है। इन चर्चाओं में मुख्य रूप से यूक्रेन युद्ध के घटनाक्रम, मध्य पूर्व की वर्तमान स्थिति और आपसी आर्थिक व रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक

जयशंकर बुधवार को मार्को रुबियो की मेजबानी में आयोजित होने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में सहभागी देश भविष्य की सप्लाई चेन में लचीलापन लाने और रणनीतिक सहयोग को और अधिक मजबूत करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के भी इस वैश्विक सम्मेलन को संबोधित करने की उम्मीद जताई गई है जो इस आयोजन के महत्व को दर्शाता है।

सप्लाई चेन को मजबूती देना

हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका ने आर्थिक सुरक्षा से जुड़े अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपना द्विपक्षीय जुड़ाव काफी हद तक बढ़ाया है। महत्वपूर्ण खनिज अब इस कूटनीतिक बातचीत का एक अहम हिस्सा बन गए हैं क्योंकि दोनों ही देश अब एक भरोसेमंद और अलग सप्लाई चेन स्थापित करना चाहते हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार यह बैठक तकनीकी नवाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी घटकों को सुरक्षित करने के प्रयासों को काफी बढ़ावा देगी।

ट्रंप-मोदी वार्ता का प्रभाव

यह उच्च-स्तरीय दौरा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर हुई उस ऐतिहासिक बातचीत के ठीक एक दिन बाद हो रहा है। उस बातचीत में दोनों नेताओं ने एक नए व्यापार समझौते की घोषणा की थी जिसने द्विपक्षीय संबंधों के बीच उच्च-स्तरीय मुलाकातों के सिलसिले को और अधिक गति दी है। जयशंकर की यह यात्रा इसी रणनीतिक दिशा में एक और बड़ा कदम है जो दोनों देशों के बीच भविष्य के व्यापारिक लक्ष्यों को स्पष्ट करेगी।

वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात

मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी इस यात्रा के दौरान अमेरिकी प्रशासन के कई अन्य वरिष्ठ सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे। हालांकि इन बैठकों के विस्तृत विवरण को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन इनका उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को और अधिक व्यापक बनाना है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह महत्वपूर्ण खनिज सप्लाई चेन को मजबूत और विविध बनाने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत करेगा।

आर्थिक सुरक्षा की नई दिशा

यह ऐतिहासिक बैठक न केवल आर्थिक ताकत बढ़ाने बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण घटकों के सुरक्षित प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए सहयोग को बढ़ावा देगी। भारत और अमेरिका मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं जहाँ महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता किसी भी वैश्विक संकट के समय बाधित न हो। इस तरह की कूटनीतिक पहल भविष्य के तकनीकी विकास और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को प्राप्त करने में दोनों देशों के लिए बहुत ही निर्णायक साबित होगी।

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