
एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस व अजित पवार (डिजाइन फोटो)
Maharashtra Municipal Election Campaign News: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम है। राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए चल रहा तूफानी चुनाव प्रचार आज, मंगलवार शाम 5 बजे थम जाएगा। चुनाव नियमों के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पहले ‘साइलेंस पीरियड’ शुरू हो जाता है, जिसके तहत लाउडस्पीकर और रैलियों पर पाबंदी लग जाएगी। इन सभी सीटों पर 15 जनवरी को वोट डाले जाएंगे, जबकि नतीजों की घोषणा 16 जनवरी को होगी।
आज शाम 5 बजे के बाद अब केवल डोर-टू-डोर कैंपेनिंग की अनुमति होगी। मतदान का समय सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। लोकतंत्र के इस उत्सव के बाद, मतों की गिनती यानी चुनावी नतीजे शुक्रवार, 16 जनवरी को सुबह 10 बजे से घोषित किए जाने शुरू होंगे। अब देखना यह है कि 16 जनवरी को जब नतीजे आएंगे, तो किसके सिर पर जीत का ताज सजेगा और किसके किले ढहेंगे।
अब प्रचार थमने के बाद गेंद मतदाताओं के पाले में होगी। सवाल यही है कि क्या देवेंद्र फडणवीस नागपुर में, एकनाथ शिंदे ठाणे में और अजित पवार पुणे-पिंपरी चिंचवड़ में अपना-अपना सियासी किला बचा पाएंगे या फिर मतदाता कोई नया संदेश देंगे। 15 जनवरी को होने वाले मतदान और 16 जनवरी को आने वाले नतीजे ही इस सियासी सवाल का जवाब देंगे।
प्रचार के आखिरी दिन महाराष्ट्र के तीनों दिग्गज नेता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम अजित पवार अपने-अपने गढ़ को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
देवेंद्र फडणवीस (नागपुर): मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपने होम टाउन नागपुर में एक विशाल रोड शो के जरिए जनता से सीधा संवाद करेंगे। नागपुर भाजपा का अभेद्य किला रहा है, जिसे बरकरार रखना फडणवीस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है।
एकनाथ शिंदे (ठाणे): उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने राजनीतिक गढ़ ठाणे में डेरा डाले हुए हैं। शिवसेना में फूट के बाद यह पहला बड़ा स्थानीय निकाय चुनाव है, जहां शिंदे को साबित करना है कि ठाणे की जनता आज भी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
अजित पवार (पुणे व पिंपरी चिंचवड़): डिप्टी सीएम अजित पवार पुणे और पिंपरी चिंचवड़ में मोर्चा संभाले हुए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के लिए ये दोनों शहर पावर सेंटर माने जाते हैं।
देश की सबसे अमीर नगर पालिका, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) की 227 सीटों पर इस बार 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं। कुल उम्मीदवारों में 879 महिलाएं और 821 पुरुष शामिल हैं। यहां मुकाबला चतुष्कोणीय है, जिसमें महायुति (BJP+शिंदे सेना), महाविकास अघाड़ी (UBT+NCP शरद पवार+कांग्रेस), मनसे और निर्दलीय उम्मीदवार आमने-सामने हैं।
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सीटों के आरक्षण की बात करें तो कुल 227 सीटों में से 114 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं। इन आरक्षित सीटों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाएं शामिल हैं। शेष 113 सीटें सामान्य श्रेणी (General Category) के तहत रखी गई हैं। मुंबई में बहुमत हासिल करने और अपना मेयर चुनने के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को कम से कम 114 सीटों के जादुई आंकड़े को छूना अनिवार्य होगा।
मुंबई की सत्ता पर काबिज होने के लिए कई बड़े दल और गठबंधन आमने-सामने हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य मुकाबला इन दलों के बीच है:






