महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी भूचाल! रिश्वत लेते विधायक के VIDEO से मचा हड़कंप, सतेज पाटिल ने सरकार को घेरा

Kolhapur MLA Bribe: महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने सत्ताधारी विधायक पर 40 लाख की रिश्वत लेने का वीडियो जारी कर गृह विभाग से जांच की मांग की है।
Kolhapur MLA Bribe Case Congress Leader Satej Patil
कांग्रेस विधायक सतेज पाटिल व वायरल वीडियो का दृश्य (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Kolhapur MLA Bribe Video: महाराष्ट्र की राजनीति में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कोल्हापुर से कांग्रेस विधायक सतेज पाटिल ने एक कथित वीडियो साझा किया है, जिसमें सत्ता पक्ष के एक विधायक को बड़ी रकम लेते देखा जा सकता है। पाटिल ने इसे गंभीर बताते हुए गृह विभाग से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है।

कांग्रेस विधायक सतेज पाटिल ने जारी किया वीडियो

कोल्हापुर में राजनीति उस समय गरमा गई जब कांग्रेस के विधान परिषद गटनेता सतेज पाटिल ने सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज वीडियो साझा किया। इस वीडियो में सत्ताधारी दल के एक विधायक कथित तौर पर एक व्यक्ति से 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते नजर आ रहे हैं। पाटिल ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए राज्य के गृह विभाग की साइबर सेल से तत्काल जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष के रूप में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।

सतेज पाटिल ने न केवल इस वीडियो को सार्वजनिक किया, बल्कि इसे राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को भी टैग किया है। पाटिल के अनुसार, संबंधित विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट से हैं। उन्होंने मांग की है कि चूंकि कोल्हापुर जिले में इस गुट के तीन विधायक हैं, इसलिए उन तीनों को सामने आकर इस मामले पर अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।

'स्थानीय नेतृत्व विफल, इसलिए मुख्यमंत्री को आना पड़ा'

भाजपा और महायुति गठबंधन पर हमला बोलते हुए सतेज पाटिल ने कहा कि 'सत्ता और पैसा' ही इनका एकमात्र मूलमंत्र बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोल्हापुर में भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं पर जनता का विश्वास पूरी तरह खत्म हो चुका है। यही कारण है कि स्थानीय नेताओं के बजाय मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को खुद कोल्हापुर आकर लोगों को आश्वासन देने पड़ रहे हैं। पाटिल के अनुसार, यह स्थिति दर्शाती है कि यहां का सत्ताधारी नेतृत्व पूरी तरह विफल हो चुका है।

'मिसल कट्टा' को बताया स्क्रिप्टेड और प्रायोजित

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कोल्हापुर दौरे के दौरान आयोजित 'मिसल कट्टा' कार्यक्रम पर भी पाटिल ने जमकर निशाना साधा। उन्होंने इस कार्यक्रम को पूरी तरह से 'स्क्रिप्टेड' करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को पत्रकारों के सवालों से डर लगता है। पाटिल ने दावा किया कि कार्यक्रम में पूछे जाने वाले प्रश्न तीन दिन पहले ही तय कर लिए गए थे। साथ ही, मुख्यमंत्री द्वारा पार्षदों और महापौर को लेकर दिए गए विवादास्पद बयानों पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने जनता से अपील की कि वे अब भाजपा को वोट न दें।

महाराष्ट्र को 'गिरवी' रखने का गंभीर आरोप

सतेज पाटिल ने केवल भ्रष्टाचार ही नहीं, बल्कि आर्थिक नीतियों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार महाराष्ट्र के संसाधनों को एक ही उद्योगपति के पास गिरवी रखने की साजिश रच रही है। पाटिल के अनुसार, जहां पहले सभी व्यापारियों को समान अवसर मिलते थे, वहीं अब केवल एक ही बिज़नेस हाउस को सरकार का पूरा समर्थन मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, कोल्हापुर नगर निगम की सीमा विस्तार (हद्दवाढ) के मुद्दे पर उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि यदि वे 15 मिनट में प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, तो पिछले डेढ़ साल से उन्होंने कोल्हापुर के लिए समय क्यों नहीं निकाला?

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