नासिक में 400 करोड़ के पुराने नोटों से भरे कंटेनर में लूट! महाराष्ट्र चुनाव के बीच सामने आया सनसनीखेज मामला

Nashik News: नासिक में 400 करोड़ की डिमॉनेटाइज्ड करेंसी से भरे कंटेनर की कथित लूट, किडनैपिंग और धमकी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।
Nashik 400 Crore Scam Old Currency Container
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
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Nashik 400 Crore Scam News: महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव की गहमागहमी के बीच नासिक से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। घोटी-वाडी हे शिवरा इलाके में 400 करोड़ के पुराने नोट (डिमॉनेटाइज्ड करेंसी) से भरे कंटेनर की कथित लूट, अपहरण और जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया है।

बंदूक की नोक पर अपहरण और जान से मारने की धमकी

नासिक रोड के निवासी संदीप दत्ता पाटिल की शिकायत ने इस पूरे मामले को उजागर किया है। पाटिल का आरोप है कि संदिग्ध जयेश कदम, विशाल नायडू, सुनील धूमल, विराट गांधी और मुंबई निवासी जनार्दन धायगुडे ने मिलकर उनका अपहरण किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने बंदूक की नोक पर न केवल उन्हें बंधक बनाया, बल्कि उनके और उनके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में जबरन वसूली और डराने-धमकाने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

400 करोड़ के पुराने नोटों का रहस्यमयी कंटेनर

इस केस का सबसे चौंकाने वाला पहलू वह कंटेनर है, जिसमें कथित तौर पर ₹400 करोड़ के पुराने (बंद हो चुके) नोट भरे हुए थे। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि आरोपियों ने इस विशाल धनराशि वाले कंटेनर को लूट लिया है। चुनाव के समय इतनी बड़ी मात्रा में पुरानी करेंसी का मिलना और उसकी लूट होना कई अनसुलझे सवाल खड़े करता है। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि आखिर इतने नोट आए कहां से और इन्हें किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।

हाई-प्रोफाइल जांच के लिए SIT का गठन

मामले की गंभीरता, भारी-भरकम राशि और इसमें प्रभावशाली व्यक्तियों या राजनीतिक हस्तियों की संलिप्तता की आशंका को देखते हुए नासिक पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। डिस्ट्रिक्ट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस जांच की कमान सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस बालासाहेब पाटिल संभाल रहे हैं, जबकि एडिशनल एसपी आदित्य मिरखेलकर और एसडीपीओ हरीश खेडकर को इसकी निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।

निष्पक्ष जांच और राजनीतिक कनेक्शन की तलाश

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह मामला केवल लूटपाट का नहीं, बल्कि एक बड़े वित्तीय घोटाले की ओर इशारा कर रहा है। एसआईटी अब संदीप पाटिल के दावों की सत्यता की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि क्या वास्तव में कंटेनर में 400 करोड़ रुपये थे। चूंकि राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है, इसलिए इस मामले के राजनीतिक पहलुओं की भी सूक्ष्मता से जांच की जा रही है ताकि सच सामने आ सके।

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