Jalna में बादल फटा, निचली बस्तियों में घुसा पानी – मनपा की ड्रेनेज व्यवस्था फेल!

Jalna City में मूसलाधार बारिश और बादल फटने के जैसी स्थिति पैदा होने के बाद प्रशासन की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खुल गई है। मनपा आयुक्त ने भी ये बात स्वीकार की है कि नाले अत्याधिक संकरे हो गए हैं।
जालना महानगर पालिका
जालना महानगर पालिका (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News: शहर में 15 सितंबर को हुई तेज बारिश व बादल फटने जैसी स्थिति ने ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोल दी है। थोड़े समय में हुई भारी बारिश के चलते शहर की निचली बस्तियों, घरों और दुकानों में पानी घुसने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

मनपा आयुक्त संतोष खांडेकर ने पत्रकारों से बातचीत में स्वीकार किया कि शहर के कई नाले अत्यधिक संकरे और उथले हो गए हैं। नतीजतन, पानी का सही ढंग से निकास नहीं हो सका और बाढ़ जैसी स्थिति बनी। मनपा आयुक्त खांडेकर का कहना रहा कि, शहर के विकास के दौरान कई जगह नालों पर अतिक्रमण किए जाने से समस्या और बढ़ गई है।

कोठारी नगर जैसे क्षेत्रों में बाहर से आने वाला अतिरिक्त पानी मिल जाने के चलते हालात और बदतर हो गए हैं। खांडेकर ने कहा कि शहर से होकर गुजरने वाली दोनों नदियों की चौड़ाई और गहराई पर्याप्त है। हालांकि, नालों की बिगड़ी स्थिति के चलते बारिश का पानी नदियों तक पहुंच ही नहीं पाया। मनपा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने रातभर मेहनत कर स्थिति संभालने की कोशिश की।

शहर के नालों की सफाई तीन माह में

आयुक्त खांडेकर ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, अगले 2-3 महीनों में शहर के सभी महत्वपूर्ण नालों की सफाई गहरीकरण और चौड़ीकरण किया जाएगा। नालों की चौड़ाई कम से कम 6 मीटर या रिकॉर्ड के अनुसार रखी जाएगी। यही नहीं, नालों के दोनों ओर 6 मीटर तक किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक होगी और सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे, इसके लिए शीघ्र ही बजट बनाने का आश्वासन भी खांडेकर ने दिया।

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