
नागपुर न्यूज
NMC Town Planning Revenue: नागपुर महानगर पालिका के नगर रचना विभाग के लिए यह वर्ष आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। मनपा के बजट में नगर रचना विभाग को 500 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन दिसंबर महीने तक यह विभाग केवल 257 करोड़ रुपये ही जुटा पाया।
विभाग का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा विकास शुल्क में की गई कटौती के कारण राजस्व का यह लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो गया है। सम्पत्ति कर के बाद सर्वाधिक आय देने वाले नगर रचना विभाग की वसूली में भारी गिरावट आने के कारण मनपा की तिजोरी को भी झटका लगा है।
विशेषज्ञों और विभाग के अनुमान के अनुसार 31 मार्च को समाप्त होने वाले इस वित्तीय वर्ष के अंत तक यह राजस्व केवल 300 करोड़ रुपये तक ही पहुंचने की संभावना है। पिछले वर्ष इस विभाग ने संपत्ति कर विभाग की तरह ही लक्ष्य से अधिक वसूली की थी, जिसे देखते हुए प्रशासकों ने इस बार 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम लक्ष्य निर्धारित किया था।
आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में नवंबर तक 289.40 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जो मार्च तक बढ़कर 467.10 करोड़ रुपये हो गए थे। इसी आधार पर वर्ष 2025-26 के लिए 500 करोड़ का लक्ष्य रखा गया था।
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राज्य सरकार ने एकीकृत विकास नियंत्रण नियमावली के तहत एफएसआई और पार्किंग नियमों में ढील जैसी घोषणाएं की थीं, ताकि अधिक से अधिक विकासक निर्माण की अनुमति के लिए आगे आएं, लेकिन इसका अपेक्षित लाभ राजस्व के रूप में नहीं दिखा।
नगर रचना विभाग के सहायक निदेशक गिरीश गोडबोले के मार्गदर्शन में अधिकारी और कर्मचारी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। वर्तमान में विभाग में निर्माण परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन प्रस्ताव अनिवार्य कर दिया गया है।






