नागपुर मनपा को करोड़ों का फटका! नगर रचना विभाग लक्ष्य से कोसों दूर, 500 करोड़ के मुकाबले 257 करोड़ की कमाई

Nagpur Municipal Corporation: नागपुर मनपा के नगर रचना विभाग के राजस्व में 50% की गिरावट। 500 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले केवल 257 करोड़ की वसूली। विकास शुल्क में कटौती बनी बड़ी बाधा।
Nagpur Municipal Corporation's Town Planning dept faces a major revenue crisis. Only ₹257 Cr collected against a ₹500 Cr target. State policy changes blamed.
नागपुर न्यूज
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NMC Town Planning Revenue: नागपुर महानगर पालिका के नगर रचना विभाग के लिए यह वर्ष आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। मनपा के बजट में नगर रचना विभाग को 500 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन दिसंबर महीने तक यह विभाग केवल 257 करोड़ रुपये ही जुटा पाया।

विभाग का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा विकास शुल्क में की गई कटौती के कारण राजस्व का यह लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो गया है। सम्पत्ति कर के बाद सर्वाधिक आय देने वाले नगर रचना विभाग की वसूली में भारी गिरावट आने के कारण मनपा की तिजोरी को भी झटका लगा है।

लक्ष्य से काफी पीछे है वसूली

विशेषज्ञों और विभाग के अनुमान के अनुसार 31 मार्च को समाप्त होने वाले इस वित्तीय वर्ष के अंत तक यह राजस्व केवल 300 करोड़ रुपये तक ही पहुंचने की संभावना है। पिछले वर्ष इस विभाग ने संपत्ति कर विभाग की तरह ही लक्ष्य से अधिक वसूली की थी, जिसे देखते हुए प्रशासकों ने इस बार 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम लक्ष्य निर्धारित किया था। आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में नवंबर तक 289.40 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जो मार्च तक बढ़कर 467.10 करोड़ रुपये हो गए थे। इसी आधार पर वर्ष 2025-26 के लिए 500 करोड़ का लक्ष्य रखा गया था।

  • 500 करोड़ का बजट में था लक्ष्य
  • 257 करोड़ की ही वसूली होने की संभावना

राजस्व घटने के मुख्य कारण

  • विकास शुल्क में कटौती : राज्य सरकार द्वारा विकास शुल्क कम किए जाने से सीधे तौर पर आय पर असर पड़ा है।
  • पिछले वर्ष की छूट : पिछले साल दिसंबर तक प्रीमियम शुल्क भरने में विशेष रियायत दी गई थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में निर्माण कार्यों को मंजूरी मिली और राजस्व में भारी वृद्धि हुई थी।

लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास

राज्य सरकार ने एकीकृत विकास नियंत्रण नियमावली के तहत एफएसआई और पार्किंग नियमों में ढील जैसी घोषणाएं की थीं, ताकि अधिक से अधिक विकासक निर्माण की अनुमति के लिए आगे आएं, लेकिन इसका अपेक्षित लाभ राजस्व के रूप में नहीं दिखा। नगर रचना विभाग के सहायक निदेशक गिरीश गोडबोले के मार्गदर्शन में अधिकारी और कर्मचारी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। वर्तमान में विभाग में निर्माण परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन प्रस्ताव अनिवार्य कर दिया गया है।

  • 1 अप्रैल से 30 दिसंबर तक कुल 778 नक्शे मंजूरी के लिए प्राप्त हुए।
  • 326 प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि 13 प्रस्तावों को रद्द कर दिया गया।
  • वर्तमान में 124 प्रस्ताव प्रक्रिया के अधीन हैं और ऑफलाइन दाखिल किए गए पुराने मामलों के निपटारे का काम भी तेजी से चल रहा है।
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