महाराष्ट्र के हजारों सरपंच करेंगे विधान भवन का घेराव, इन मांगों को लेकर 8 दिन से कर रहे है आंदोलन

पिछले सप्ताह से गोंदिया जिले और राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में कामकाज ठप है। इससे सरपंच व उपसरपंच वर्ग में भारी रोष व्याप्त है। अखिल भारतीय सरपंच परिषद ने सोये हुए शासन प्रशासन को जगाने के लिए 28 अगस्त को विधान भवन का घेराव करने का निर्णय लिया है।
महाराष्ट्र के हजारों सरपंच करेंगे विधान भवन का घेराव, इन मांगों को लेकर 8 दिनों से कर रहे है आंदोलन
पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक में हुआ फैसला
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गोंदिया: पिछले सप्ताह से गोंदिया जिले और राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में कामकाज ठप है। इससे सरपंच व उपसरपंच वर्ग में भारी रोष व्याप्त है। अखिल भारतीय सरपंच परिषद ने सोये हुए शासन प्रशासन को जगाने के लिए 28 अगस्त को विधान भवन का घेराव करने का निर्णय लिया है। इस आंदोलन में राज्य भर से हजारों ग्राम पंचायत पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। विकास के मामले में सरकार ने हमेशा शहरों और गांवों के बीच भेदभाव किया है। शहरों का पक्ष लिया है और गांवों की अनदेखी की है।

ग्राम पंचायत पदाधिकारियों का कहना है कि हाल ही में ग्राम पंचायत के 3 लाख विकास कार्यों में कटौती की गई है। जिला परिषद स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, रोजगार गारंटी योजना का भुगतान नहीं हुआ है, घरकुल योजनाओं में सब्सिडी न मिलने की तमाम समस्याओं के लिए जहां शासन प्रशासन जिम्मेदार है, वहीं ग्रामीण जिला परिषद की सड़कों की हालत खराब है, जिससे सरपंच और उपसरपंच को ग्रामीण जनता का रोष झेलना पड़ता है।

इस भेदभाव को दूर किया जाए और गांवों को शहरों की तरह विकास में प्राथमिकता दी जाए, सभी घरकुल योजनाओं को तेजी से लागू किया जाए, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत की जाए, ग्राम पंचायतों को उनके अधिकारों का उल्लंघन करने से रोकना और उन्हें सशक्त बनाना, शिक्षकों को तुरंत स्कूलों में स्थानांतरित करना और उनके वेतन में भारी बढ़ोतरी की जाए, ऐसे मांगों को लेकर राज्य में पिछले 8 दिनों से ग्राम पंचायत की हड़ताल चल रही है।

पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि इस संबंध में जिले व राज्य भर में विधायकों, सांसदों व मंत्रियों को ज्ञापन देने के बावजूद भी उनकी ओर से सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं। इसलिए ऐसा लगता है कि वे ग्रामीण जनता को सिर्फ वोट के लिए याद करते हैं, विकास के लिए नहीं। लेकिन अब एक सप्ताह से चल रही शांतिपूर्ण हड़ताल से शासन-प्रशासन ने आंखें मूंद लेने से सरपंच आक्रामक होने लगे हैं।

28 को मुंबई में होगा घेराव

हड़ताल के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक में सर्वानुमति से 28 अगस्त को मुंबई के आजाद मैदान में एकत्रित होकर विधान भवन का घेराव करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय सरपंच परिषद के जिला अध्यक्ष चंद्रकुमार बहेकार, मार्गदर्शक गंगाधर परशुरामकर, विदर्भ उपाध्यक्ष महेंद्र भांडारकर, जिला उपाध्यक्ष मनीष गहेरवार, धर्मराज पाथोड़े, जिला सचिव हेमलता चव्हाण, महिला जिला अध्यक्ष वर्षा पटले, गोंदिया तहसील अध्यक्ष सोनू घरडे, सालेकसा तहसील अध्यक्ष रामेश्वर कटरे, सचिव गौरीशंकर बिसेन, देवरी तहसील अध्यक्ष मनोहर राऊत, सचिव कैलाश मरस्कोल्हे, सड़क अर्जुनी तहसील अध्यक्ष हर्ष मोदी, सचिव विलास वट्टी, आमगांव तहसील अध्यक्ष मुकेश शिवणकर, सचिव खेमेंद्र रिनायत, अर्जुनी मोरगांव तहसील अध्यक्ष भोजराज लोगडे, सचिव लक्ष्मीकांत नाकाडे, तिरोड़ा तहसील अध्यक्ष विनोद लिल्हारे, गोरेगांव पदाधिकारियों सहित सरपंच, उपसरपंच उपस्थित थे।

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