

नागपुर: महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी के प्रदेश संगठन के साथ शीर्ष नेतृत्व भी तैयारी में जुट गया है। उपमुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र बीजेपी के प्रमुख नेता देवेंद्र फडणवीस तथा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले सोमवार की रात अचानक दिल्ली पहुंच गए। दिल्ली में गृहमंत्री से मुलाकात कर चुनावी तैयारी और सीट बंटवारे के विषय पर चर्चा की। बीजेपी लोकसभा में हुई गलतियों को दोहराना नहीं चाहती हैं। इसीलिए अब बीजेपी कड़े फैसले करने को भी तैयार है। हर बार की तरह चुनाव पास आते है नेताओं के पाला बदलने की शुरूआत हो जाती है। लेकिन इस बार बीजेपी किसी को मनाने के मुड़ में नहीं दिख रही है।
भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने शुक्रवार को कहा कि यदि कोई नेता आगामी विधानसभा चुनाव सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के सहयोगियों की सीट पर लड़ने पर अड़ा रहता है तो वह उसे पार्टी छोड़ने से नहीं रोक सकते। उन्होंने चुनाव के लिए टिकट चाहने वाले पार्टी सदस्यों से धैर्य रखने का आग्रह किया।
नागपुर में संवाददाताओं ने उनसे पूछा कि ऐसी अटकलें हैं कि भाजपा नेता समरजीत घाटगे अकोला स और हर्षवर्धन पाटिल पुणे जिले से अपनी पसंदीदा सीट से चुनाव टिकट नहीं मिलने पर विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) में शामिल हो सकते हैं। इसके जवाब में बावनकुले ने कहा कि अगर वे भाजपा छोड़ने का फैसला करते हैं तो उन्हें कोई नहीं रोक सकता। कहा जा रहा है कि घाटगे कोल्हापुर जिले की कागल विधानसभा सीट से टिकट चाहते हैं, जबकि पाटिल पुणे जिले की अपनी पूर्व सीट इंदापुर से चुनाव लड़ना चाहते हैं।
ये दोनों विधानसभा सीट भाजपा के सहयोगी उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अगुआई वाली एनसीपी के पास हैं। बावनकुले ने कहा कि "हम चाहते हैं कि वे (घाटगे और पाटिल) इंतजार करें, लेकिन अगर उन्होंने पहले ही पार्टी बदलने का फैसला कर लिया है तो हम उन्हें जाने से नहीं रोक सकते। एमवीए के भी कई नेता हैं जो वहां से हमारे पास आएंगे। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें टिकट मिलेगा। मेरे कहने का मतलब यह है कि अगर वे धैर्य दिखाते हैं तो पार्टी अपने नेताओं को टिकट देने पर फैसला करेगी।"