encroachment case (सोर्सः सोशल मीडिया)
Tiroda Encroachment Case: तिरोड़ा तहसील के सुकड़ी (डाकराम) ग्राम पंचायत पर एक दलित परिवार के खिलाफ चुनिंदा और गलत कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया है। किशोरी उर्फ केशरबाई जे. प्रमोद शिंगाड़े ने चर्चा के दौरान यह दावा किया।
उन्होंने बताया कि सुकड़ी (डाकराम) में गट नंबर 334 पर उनका पुश्तैनी घर है, जो करीब 100 वर्ष पुराना है। इस घर के लिए ग्राम पंचायत को नियमित रूप से कर (टैक्स) दिया जा रहा है। वर्ष 2024-25 का कर भी 23 मार्च 2025 को जमा किया गया था। संबंधित घर ग्राम पंचायत के टैक्स रजिस्टर (फॉर्म-8) में दर्ज है।
बताया गया कि जब पुराना घर जर्जर हो गया और नए निर्माण की शुरुआत की गई, तो 8 फरवरी 2026 को सरपंच मौके पर पहुंचे और निर्माण की जानकारी ग्राम पंचायत को देने को कहा। इसके अनुसार लिखित सूचना भी दी गई थी।
इसके बावजूद 27 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत ने बिना अनुमति निर्माण का आरोप लगाते हुए सात दिनों के भीतर कब्जा हटाने का नोटिस जारी कर दिया। दावा किया गया है कि उक्त जमीन ‘सरकार अमराई’ के नाम से दर्ज है और 7/12 रिकॉर्ड में इसका हिस्सा सरकार के नाम पर है। इसलिए इस मामले में कार्रवाई का अधिकार राजस्व विभाग को है, ग्राम पंचायत को नहीं।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उसी परिसर में अन्य समुदायों के 8 से 10 पक्के मकान और एक मंदिर मौजूद हैं, लेकिन उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे महार समुदाय से हैं, इसलिए उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने के लिए झूठा और मनगढ़ंत नोटिस दिया गया। उन्होंने मांग की है कि जिलाधिकारी इस पूरे मामले की तत्काल जांच कर ग्राम पंचायत के खिलाफ कार्रवाई करें, अन्यथा तीव्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।