गोंदिया में 59 स्कूल शिक्षकविहीन, स्वयंसेवकों के भरोसे चल रही ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था
ZP Schools Without Teachers: गोंदिया जिले में शिक्षकों की भारी कमी के कारण 59 जिला परिषद स्कूल 'शून्य शिक्षक' हो गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है।
- Written By: केतकी मोडक
गोंदिया ज़िला परिषद स्कूल प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Gondia Zilla Parishad Schools Teacher Shortage: हाल ही में जिला परिषद स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां क्रियान्वित की जा रही हैं। वहीं गोंदिया जिले में यह बात सामने आई है कि शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई का स्तर कम होते जा रहा है। शिक्षकों की कमी के कारण कई विद्यालय शून्य शिक्षक हो गए हैं। जिले के 59 विद्यालयों को शिक्षकों का इंतजार है।
अतः राज्य का शिक्षा विभाग ग्रामीण क्षेत्र के जिला परिषद स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए उदासीन होने की प्रतिक्रिया अभिभावकों द्वारा व्यक्त की जा रही है। जिप स्कूलों को ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के मंदिर के रूप में मान्यता प्राप्त है। लेकिन शिक्षा के बाजारीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को लेकर राज्य सरकार की उदासीन नीति अब निराशाजनक है।
जिला परिषद स्कूलों का अस्तित्व चिंताजनक हो गया है। पिछले कई वर्षों से जिप के शिक्षा विभा में शिक्षकों की कमी लगातार जारी है और यह शिक्षा की खराब गुणवत्ता में भी योगदान दे रही है।
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देवरी में सबसे ज्यादा शून्य शिक्षक स्कूल
गोंदिया जिला आदिवासी बहुल और नक्सल प्रभावित जिले के रूप में जाना जाता है। इनमें दो तहसील सालेकसा और देवरी भी सुदूरवर्ती क्षेत्र में आते हैं। परिणामस्वरूप, इन दोनों तहसीलों में शून्य शिक्षक स्कूलों की संख्या भी अधिक है।
देवरी तहसील के कम से कम 11 स्कूलों में शून्य शिक्षक हैं। इसी तरह, सालेकसा, आमगांव, तिरोडा तीन तहसीलों में से प्रत्येक में 9 स्कूल, गोरेगांव तहसील में 8, गोंदिया तहसील में 6। अर्जुनी मोरगांव तहसील में 4 स्कूल बिना शिक्षकों के हैं।
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नया शैक्षणिक सत्र 21 से शुरू
- वैकल्पिक रूप से, स्कूलों के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए, जिप प्रशासन को शिक्षा स्वयंसेवकों की नियुक्ति की पहल करनी पड़ी।
- इसलिए गांव में शिक्षित युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में जिम्मेदारी दी गई।
- वहीं जिले के 59 स्कूलों की देखरेख का काम भी यही स्वयंसेवक कर रहे हैं। गोंदिया जिले के 59 स्कूल शून्य शिक्षक हो गए हैं।
- ये विद्यालय शिक्षकों की बाट जोह रहे हैं। नया शैक्षणिक सत्र 21 जून से शुरू होगा। क्या इस नए क्षेत्र में शिक्षक होगे? ऐसा सवाल खड़ा हो गया है।
