साखरीटोला-सालेकसा राेड का हुआ जर्जर, सड़क में जगह-जगह गड्ढे, स्कूली छात्रों व लोग हो रहे परेशान
Gondia News: गोंदिया के सालेकसा–साखरीटोला मार्ग की खस्ता हालत, गड्ढों से भरा 12 किमी रास्ता यात्रियों के लिए खतरा बना। ग्रामीणों और छात्रों ने PWD से तुरंत मरम्मत की मांग की।
- Written By: आकाश मसने
साखरीटोला-सालेकसा राेड उखड़ा (फोटो नवभारत)
Gondia News In Hindi: गोंदिया जिले के सालेकसा तहसील के सालेकसा-साखरीटोला मार्ग पर कई गांवों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन बढ़ने से मार्ग की हालत खस्ता हो गई है। इसके कारण सालेकसा से साखरीटोला तक 12 किलोमीटर लंबे मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। वाहन मालिकों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग और जिप लोक निर्माण विभाग इस ओर ध्यान दे और मार्ग की मरम्मत करें, ऐसी मांग छात्रों और ग्रामीणों ने की है।
साखरीटोला से सालेकसा मार्ग पर साखरीटोला से तिरखेड़ी तक 5 किलोमीटर का मार्ग बहुत संकरा है, इसलिए दो वाहन व्यवस्थित तरीके से नहीं गुजर सकते। ट्रक, टिप्पर, बस, बड़े वाहन सड़क पर अपने वाहन नहीं उतारते हैं, इसलिए छोटे वाहन चालकों को अपने वाहन उतारकर सड़क पार करनी पड़ती है। उक्त 5 किलोमीटर मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है।
रात में सामने से कोई दूसरा ट्रक या बस आने पर छोटे वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। इसलिए मांग है कि साखरीटोला से तिरखेड़ी मार्ग को तत्काल चौड़ा किया जाए।
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आमगांव से सालेकसा मुख्य मार्ग पर बाघ नदी पर बना पुल जर्जर होने से इस मार्ग पर बड़े वाहनों और एसटी बसों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। गोंदिया और देवरी से सभी छोटे-बड़े वाहन, ट्रक, टिप्पर और एसटी बसें भी सालेकसा होकर साखरीटोला मार्ग पर आवागमन कर रही हैं।
छोटे वाहन चालक परेशान
इस मुख्य मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। छोटे वाहन चालकों, स्कूली विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर स्थित सालेकसा, गिरोला, तिरखेड़ी, गांधीटोला, सालईटोला, दुर्गटोला, सातगांव, साखरीटोला आदि गांवों के नागरिकों को उद्योग, व्यापार, स्कूल, नौकरी, अस्पताल, महाविद्यालयीन शिक्षा के लिए साखरीटोला और सालेकसा शहर आना-जाना पड़ता है।
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लोगों को रात और सुबह के समय गड्ढों वाली सड़क पर जानलेवा सफर करना पड़ता है। नागरिक और छोटे वाहन चालक परेशान हैं। संबंधित निर्माण विभाग और जनप्रतिनिधियों से तत्काल ध्यान देकर सड़क की मरम्मत और सड़क की चौड़ाई 5 किलोमीटर बढ़ाने की मांग की जा रही है।
मरम्मत सड़क की हालत खस्ता
सड़क संकरी है, रात में गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल है, इसलिए लगातार दुर्घटनाएं हो रही है। सड़क के दोनों ओर उगी घास, झाड़ियां और पेड़ दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। यह सड़क व्यस्त रहती है और कई लोग इस सड़क पर यात्रा करते हैं।
हर दिन सैकड़ों बड़े ट्रक, टिप्पर, बसें आदि इस सड़क से गुजरते हैं, जिससे दो साल पहले ही मरम्मत की गई यह सड़क खस्ताहाल हो गई है। ट्रक कई दिनों तक कीचड़ में फंसे रहते हैं। जिससे रात में यात्रा करना खतरनाक हो गया है।
