धान खरीदी पर संकट: गोंदिया के किसानों का 182 करोड़ अब भी अटका

Gondia News: गोंदिया में धान बेचने वाले किसानों का 296 करोड़ रुपए बकाया है। सरकार ने 114 करोड़ जारी किए। 182 करोड़ अब भी बाकी है। इससे किसानों पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है।
gondia-rice-farmers-payment-owe-182-crore-for-paddy
धान खरीदी केंद्र (फोटाे नवभारत)
Published on
Updated on

Gondia Paddy Farmers: रबी सीजन में गोंदिया जिला मार्केटिंग फेडरेशन के सरकारी धान खरीदी केंद्र पर धान बेचने वाले किसानों का पिछले तीन महीनों से 296 करोड़ रुपए बकाया था। परिणामस्वरूप, किसानों की आर्थिक दुविधा बढ़ गई। इसके बाद सरकार ने मंगलवार को धान के बकाया के लिए 114 करोड़ 6 लाख 66 हजार रुपए की निधि प्रदान की। लेकिन, पूरी निधि न मिलने से किसानों की आर्थिक दुविधा जारी है क्योंकि 182 करोड़ रुपए का बकाया हो गया है।

किसानों को समर्थन मूल्य से कम कीमत न मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार खरीफ और रबी सीजन के दौरान जिला मार्केटिंग फेडरशेन और आदिवासी विकास महामंडल के तहत सरकारी धान खरीदी केंद्र से धान खरीदती है।

55 हजार से अधिक किसानों ने बेचा धान

इस साल रबी सीजन के दौरान सरकारी धान खरीदी केंद्र पर धान बेचने के लिए 61 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 55,881 किसानों ने सरकारी धान खरीदी केंद्र पर 23 लाख 11 हजार 199 क्विंटल धान बेचा।

बेचे गए धान का कुल मूल्य 531 करोड़ 57 लाख रुपए है। इसमें से 296 करोड़ रुपए का बकाया पिछले तीन महीनों से निधि की कमी के कारण बकाया था। इसके बाद, सरकार ने मंगलवार को जिला मार्केटिंग फेडरेशन को बकाया राशि के लिए 114 करोड़ 6 लाख 66 हजार रुपए प्रदान किए।

गोंदिया जिला मार्केटिंग फेडरेशन को किसानों का पूरा बकाया चुकाने के लिए 182 करोड़ रुपए की और आवश्यकता है। सरकार द्वारा पूरी राशि उपलब्ध नहीं कराए जाने से किसानों की दुविधा बनी हुई है।

धान खरीदी 27 तक जारी

सरकार ने रबी में धान की खरीदी लगातार तीसरी बार बढ़ा दी है। साथ ही धान खरीदी का लक्ष्य भी 5 लाख 60 हजार रुपए बढ़ा दिया है। सोमवार तक जिला मार्केटिंग फेडरेशन ने 23 लाख 11 हजार क्विंटल धान खरीदा है, जबकि धान खरीदी 27 सितंबर तक जारी रहेगी और लगभग चार लाख क्विंटल धान और खरीदा जाएगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com