Kharif paddy production Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Farmers: खरीफ सीजन में धान खरीदी के लिए जिला मार्केटिंग फेडरेशन को 25 लाख 75 हजार क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया था, जो अब पूरा हो चुका है। इसके बावजूद धान बेचने के लिए पंजीकृत 52 हजार 614 किसान अभी भी इंतजार कर रहे हैं, इसलिए लक्ष्य बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। किसानों की निगाहें अब सरकार के अगले आदेश पर टिकी हैं।
जिले में खरीफ और रबी दोनों सीजन में जिला मार्केटिंग फेडरेशन और आदिवासी विकास महामंडल की ओर से समर्थन मूल्य केंद्रों के माध्यम से धान की खरीदी की जाती है। इस वर्ष सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 2,369 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है।
इस वर्ष सरकार ने फेडरेशन को खरीफ सीजन में पहले 12 लाख 50 हजार क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य दिया था, जिसे एक महीने में ही पूरा कर लिया गया। इसके बाद लक्ष्य में 6 लाख क्विंटल की बढ़ोतरी की गई, लेकिन वह भी पूरा हो गया। तीसरी बार लक्ष्य बढ़ाकर 7 लाख 75 हजार क्विंटल किया गया और यह लक्ष्य भी पूर्ण हो चुका है। शनिवार तक फेडरेशन द्वारा कुल 25 लाख 75 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।
जिले में 1 लाख 32 हजार 614 किसानों ने सरकारी धान खरीद केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से 81 हजार 192 किसानों ने धान की बिक्री कर दी है, जबकि 52 हजार 614 किसान अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में संभावना है कि सरकार धान खरीदी का लक्ष्य और बढ़ा सकती है।
तीन महीने बाद सरकार की ओर से धान के बकाया भुगतान के लिए 309 करोड़ रुपये का निधि प्राप्त हुआ है। इसके बाद अब तक 25,416 किसानों के बैंक खातों में 210 करोड़ 11 लाख रुपये जमा किए जा चुके हैं। वहीं 54,855 किसानों को अब भी 387 करोड़ 87 लाख रुपये का भुगतान किया जाना बाकी है।
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खरीफ सीजन में जिले में लगभग 1 लाख 26 हजार हेक्टेयर में धान की खेती होती है। प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादन के आधार पर ही धान खरीदी का लक्ष्य तय किया जाता है। हर साल जिला मार्केटिंग फेडरेशन खरीफ सीजन में 35 से 40 लाख क्विंटल धान की खरीदी करता है। लेकिन इस साल शुरुआत में अपेक्षाकृत कम लक्ष्य तय किया गया था, जिससे अब यह सवाल उठ रहा है कि धान उत्पादन का सही अनुमान लगाने में आखिर चूक किस स्तर पर हुई।