Filaria elimination campaign (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chandrapur Health News: राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार हाथीपांव (फाइलेरिया) उन्मूलन के लिए सामूहिक औषधोपचार अभियान (MDA/IDA) चलाया जा रहा है। इसके तहत चंद्रपुर जिले की राजुरा, पोंभुर्णा, मूल, सावली, ब्रह्मपुरी और चिमूर इन छह तहसीलों में 10 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा।
चंद्रपुर जिला हाथीपांव रोग के लिए संवेदनशील माना जाता है। जिले में वर्ष 2004 से प्रतिवर्ष सामूहिक दवा अभियान चलाया जा रहा है, जिससे नए मरीजों की संख्या में कमी आई है। फिर भी कुछ तहसीलों में संक्रमण की श्रृंखला बनी रहती है, इसलिए इस वर्ष पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कटारे ने सोमवार (9 फरवरी) को आयोजित पत्रकार परिषद में दी।
एमडीए 2024 के बाद किए गए सर्वेक्षण के अनुसार चिमूर, भद्रावती, चंद्रपुर ग्रामीण, राजुरा, मूल, सावली, पोंभुर्णा, गोंडपिपरी और ब्रह्मपुरी इन नौ तहसीलों में संक्रमण के प्रमाण मिले हैं। ब्रह्मपुरी और पोंभुर्णा तहसील में पोस्ट एमएफ सर्वेक्षण के दौरान एमएफ दर 1 प्रतिशत से अधिक पाई गई है, इसलिए इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिले में हाथीपांव के कुल 9,180 मरीज तथा अंडवृद्धि (हाइड्रोसील) के 316 मरीज सक्रिय हैं। इस अभियान में छह तहसीलों के 4 उपजिला अस्पताल, 2 ग्रामीण अस्पताल और 29 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल रहेंगे। 674 गांवों और 52 वॉर्डों की लगभग 7,29,793 पात्र आबादी को दवा देने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान के लिए 1,044 स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की गई है, जबकि 175 पर्यवेक्षक निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे। दवा का सेवन स्वास्थ्यकर्मी या स्वयंसेवक की उपस्थिति में करना अनिवार्य रहेगा। दवाएं खाली पेट नहीं, बल्कि भोजन के बाद लेने की सलाह दी गई है।
दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। दवा सेवन के बाद बुखार, मतली, उल्टी या सिरदर्द जैसे हल्के दुष्प्रभाव दिखाई देने पर तत्काल उपचार के लिए प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष प्रतिक्रिया दल तैनात रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि हाथीपांव से होने वाली शारीरिक विकृति, अपंगता और सामाजिक-आर्थिक परेशानियों से बचाव के लिए इस सामूहिक दवा अभियान में सक्रिय भागीदारी करें। पत्रकार परिषद में अतिरिक्त जिला शल्य चिकित्सक डॉ. भास्कर सोनारकर तथा जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रकाश साठे भी उपस्थित थे।