नंगपुरा मुर्री में दिखा तेंदुआ (सौजन्य-नवभारत)
Leopard in Gondia City: गोंदिया जिले के तिरोड़ा तहसील के खड़की-डोंगरगांव में 9 जनवरी को सुबह अपने घर के पीछे आंगन में चूल्हे के पास माता-पिता के साथ हाथ सेक रहे 3 वर्षीय हियांस रहांगडाले पर वहीं घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक हमला किया और उसे उठाकर ले गया। जिसमें उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से जिले के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुआ दिखाई दे रहा है।
साथ ही तेंदुए शहर भी पहुंच रहे हैं। 10 जनवरी की आधी रात एक तेंदुआ गोंदिया शहर से सटे नंगपुरा मुर्री परिसर में देखा गया है। जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों सहित शहरवासी भी तेंदुए के दहशत में जी रहे हैं। जिले में दिनोंदिन मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही है। पिछले कुछ सप्ताह से क्षेत्र में तेंदुआ, भालू और जंगली भैंसे का आतंक फैला है।
एक सप्ताह पूर्व ही जंगली भैंसे ने एक को मौत के घाट उतारकर दूसरे को घायल कर दिया था। उसके बाद 9 जनवरी को खड़की-डोंगरगांव में तीन वर्षीय मासूम को तेंदुआ उठाकर ले जाने की घटना से परिसर में दहशत फैली है, जिससे शाम ढलते ही लोग घरों में कैद हो रहे हैं और देर सुबह तक घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
शुक्रवार को सुबह में घटित घटना में खड़की निवासी हियांश शिवशंकर रहांगडाले (3) की मृत्यु हो गई, जो तेंदुआ हियांश को उठाकर ले गया था, उसने इस घटना के बाद कुछ ही देर में गांव के प्रभु कटरे के आंगन में बंधे एक बकरे को निवाला बनाया।
जंगलों से सटे गांवों में वन्यजीव विचरण करते हुए दिखाई देते हैं। यह ग्रामीणों के लिए अब नई बात नहीं है। लेकिन शहरी क्षेत्र से सटे ग्रामों में बाघ, तेंदुए, भालू और बायसन जैसे हिंसक प्राणी घुसकर आतंक मचा रहे हैं, यह वन विभाग के लिए ही नहीं तो जिलेवासियों के लिए गंभीर समस्या बनी है।
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कुछ दिन पहले शहर के गौतमनगर में तेंदुआ दिखाई देने की चर्चा थी। वहीं अब 10 जनवरी की रात शहर से सटे नंगपुरा मुर्री में तेंदुआ दिखाई देने से शहरवासी भी तेंदुए की दहशत में जी रहे हैं।
अर्जुनी मोरगांव तहसील के भिवखिडकी, सिरेगांवबांध परिसर में बाघ देखा गया है। इस सप्ताह जिले के पापड़ा और केसलवाड़ा परिसर से सटे सिरेगांवबांध में तीन जगहों पर कई लोगों ने बाघ को देखा। कुछ चरवाहों और किसानों ने भी भिवखिड़की के जंगल में इस बाघ को देखा है।
रविवार को सिरेगांवबांध के बस स्टैंड पर टहल रहे कुछ लोगों ने सुबह करीब 5.30 बजे बाघ को देखा। चरवाहों ने इस बाघ को भिवखिड़की के जंगल में देखा। एहतियात के तौर पर, हमने ग्रामवासियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
– दादा संग्रामे, उपसरपंच, सिरेगांवबांध