शरद पवार, बालासाहेब थोराट और उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Politics: आगामी राज्यसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर महाविकास आघाड़ी (MVA) में लॉबिंग तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने भी दावेदारी ठोक पेंच फंसा दिया है। हालांकि शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस में अंदरूनी डील हो गई है। कांग्रेस की ओर से बालासाहेब थोरात को राज्यसभा और विधान परिषद में उद्धव ठाकरे को भेजने की दोनों दलों में सहमति बनी है।
महाराष्ट्र की 7 राज्यसभा सीटों के चुनाव में मविआ केवल एक सीट पर चुनाव जीत सकती है। वरिष्ठता का हवाला देते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शरद पवार को फिर से राज्यसभा भेजने के पक्ष में है लेकिन अब बालासाहेब थोरात के नाम आगे आया है। थोरात पिछले विधानसभा चुनाव में संगमनेर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे। गुरुवार को विधानभवन में थोरात भी नजर आए और उन्होंने पार्टी नेताओं से मुलाकात कर संपर्क बढ़ाना तेज कर दिया है।
महाविकास आघाड़ी के पास फिलहाल कुल 46 विधायक हैं। 1 उम्मीदवार को चुनाव जीतने के लिए 38 वोटों की जरूरत होगी। महायुति संख्या बल के आधार पर 6 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। इधर मविआ एक ही सीट जीत सकती है। शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने भी पार्टी के लिए उम्मीदवारी का दावा किया है।
उद्धव ठाकरे को फिर से विधान परिषद भेजने का मामला भी यूबीटी के सामने है। सूत्रों की माने तो यूबीटी ने विधान परिषद के लिए कांग्रेस उम्मीदवार को राज्यसभा भेजने पर सहमति दर्शाई है।
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इधर, कांग्रेस विधायक दल नेता विजय वडेट्टीवार का दावा है कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है, इसलिए राज्यसभा सीट कांग्रेस को दी जानी चाहिए। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि सीट बंटवारे का मुद्दा बातचीत से सुलझ जाएगा। मविआ मिलकर चुनाव लड़ेगी और उम्मीदवार का फैसला तीनों पार्टियों की सहमति से होगा। राज्यसभा के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 5 मार्च तक है, इसलिए अंतिम फैसला सहयोगी पार्टियों के साथ सम्मानजनक बातचीत के बाद लिया जाएगा।