खेत और जंगल के बीच फंसा किसान, हर साल वही संकट, हरियाली के बीच भी असुरक्षा

Wild Animals Crop Damage: गोंदिया जिले में जंगल से सटे खेतों में बाघ, तेंदुए और जंगली सुअरों के आतंक से किसान परेशान हैं और फसल सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग की मांग कर रहे हैं।
Gondia farmers crisis
Wild Animals Crop Damage:गोंदिया जिला (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Gondia Farmers Crisis: गोंदिया जिले में रबी मौसम के लिए धान की बुआई शुरू हो चुकी है और कई स्थानों पर नर्सरी भी तैयार हो गई है। कुछ किसानों ने खेतों में प्रत्यक्ष बुआई का कार्य भी शुरू कर दिया है। हालांकि, जंगल से सटे इलाकों में बाघ, तेंदुए और जंगली सुअरों की बढ़ती आवाजाही से खेत परिसरों में दहशत का माहौल बन गया है। बाघ और तेंदुए के डर के कारण कई खेत मजदूर खेतों में काम करने से इनकार कर रहे हैं, जिससे किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

खेती पर पूरे साल की आजीविका निर्भर होने के कारण जंगल से सटे खेतों वाले किसान गहरी चिंता में नजर आ रहे हैं। किसानों ने वन विभाग से इस समस्या पर ठोस उपाय योजना करने की मांग की है।फिलहाल रबी सीजन के कृषि कार्यों में तेजी आई है और किसान खेतों में काम करते दिखाई दे रहे हैं। धान की नर्सरी लहलहा रही है, लेकिन रात के समय जंगली सुअरों द्वारा नर्सरी को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

किसानों की फसलें बर्बाद

इस वर्ष अतिवृष्टि के कारण पहले ही कई किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। खरीफ सीजन में धान की फसल कटाई योग्य होने के बावजूद लगातार बारिश के कारण कटाई कार्य में देरी हुई थी। दीपावली से पहले ही कटाई का कार्य शुरू हुआ था, जिससे किसानों को अतिरिक्त नुकसान झेलना पड़ा।

वनक्षेत्र से सटे खेतों की सुरक्षा की मांग

किसान कड़ी मेहनत से फसल उगाते हैं, लेकिन हर साल जंगली जानवरों द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाया जाता है, जिससे किसान वर्ग त्रस्त हो चुका है। किसानों ने खेतों में तार फेंसिंग के लिए सब्सिडी देने की मांग की है। जंगल से सटे इलाकों में फसलों को नुकसान की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

किसानों का कहना है कि जिले में वनक्षेत्र से लगे खेतों को सुरक्षित करना बेहद आवश्यक है। इसके लिए 8 से 10 फुट ऊंची तार की बाड़ लगाने की मांग की जा रही है। गोंदिया जिले की देवरी तहसील नवेगांवबांध राष्ट्रीय उद्यान और नवेगांवबांध वन परिक्षेत्र से सटी हुई है, जहां यह समस्या गंभीर बनी हुई है।

खेतों में घुसकर रौंद देते हैं फसल

जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान की चिंता के साथ-साथ किसानों को हिंसक जानवरों के हमले का भी डर सताता रहता है। जंगली जानवरों के झुंड खेतों में घुसकर उगती फसलों को रौंद देते हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होता है। कई मामलों में मानव और पशुधन पर हमलों की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।

कार्रवाई नहीं होने से किसानों में रोष

अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों ने संयुक्त वन व्यवस्थापन समिति और वन परिक्षेत्र अधिकारी से बार-बार तार की बाड़ लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि फसल सुरक्षा के लिए बाड़ का निर्माण बेहद जरूरी है। यदि किसानों को शत-प्रतिशत अनुदान दिया जाए तो फसल नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है, लेकिन अब तक किसानों की मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है।

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