Lakhandur News: अच्छी बारिश के लिए ग्रामीणों ने कराई गुलाबराव और फुलवंती की प्रतीकात्मक शादी
Lakhandur Traditional Ritual: लाखांदुर तहसील के दांडेगांव में अच्छी बारिश की कामना को लेकर ग्रामीणों ने परंपरा के अनुसार गुड़ियागुड्डे का अनोखा विवाह कराया।
Lord Varuna (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Lakhandur Rain Prayer: मृग नक्षत्र समाप्त होने के बावजूद क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान चिंतित हैं। ऐसे में अच्छी वर्षा की कामना और वरुण देव को प्रसन्न करने के लिए तहसील के दांडेगांव में ग्रामीणों ने परंपरा का निर्वहन करते हुए गुड़ियागुड्डे का अनोखा विवाह समारोह धूमधाम से संपन्न कराया। पिछले वर्ष शुरू की गई इस परंपरा को इस वर्ष भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निभाया गया।शाम करीब 7 बजे विवाह समारोह की शुरुआत हुई।
इस अनोखे विवाह में गुड्डे का नाम गुलाबराव और गुड़िया का नाम फुलवंती रखा गया। खास बात यह रही कि दूल्हे गुलाबराव की बारात चार पहिया वाहन पर पूरे गांव में बैंडबाजे और पारंपरिक गीतों के साथ निकाली गई। बारात में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पारंपरिक धुनों पर झूमते नजर आए। विवाह संपन्न होने के बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद सामूहिक भोजन का आयोजन किया गया।
वर्षा की आस में दांडेगांव में निभाई गई अनोखी परंपरा
इस दौरान ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से वरुण देव से जल्द अच्छी बारिश होने तथा धरती को हरियाली से भर देने की प्रार्थना की। इस पारंपरिक आयोजन में दांडेगांव के उपसरपंच मुरलीधर वावरे, कृष्णा सावरकर, विनोद राऊत, आसाराम नखाते, वाल्मीक लोहारे, रवींद्र घाटे, एकनाथ मेंढ़े और मंगला दांडेकर सहित गांव के प्रतिष्ठित नागरिक, महिलाएं और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
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पूर्वजों की परंपरा में अटूट आस्था
ग्रामीणों का कहना है कि पुराने समय में जब वर्षा देर से होती थी, तब उनके पूर्वज गुड़ियागुड्डे का विवाह कर वरुण देव से वर्षा की प्रार्थना करते थे और अच्छी बारिश होती थी। प्रकृति के सामने इंसान आज भी असहाय है। इसी आस्था के साथ किसानों की खुशहाली और समय पर वर्षा की कामना करते हुए पूरे गांव ने एकजुट होकर इस अनोखे विवाह समारोह का आयोजन किया।
