नागपुर: न सिलेंडर का सहारा, न केरोसिन का ठिकाना; डिजिटल इंडिया में गरीबों के हिस्से आया सिर्फ धुआं!
Nagpur Ration Card: नागपुर में पिछले चार वर्षों से केरोसिन वितरण बंद होने से 13 हजार से अधिक पात्र राशन कार्डधारक परिवारों को रसोई चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
केरोसिन, राशन कार्ड, नागपुर, गरीब परिवार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रतीकात्मक तस्वीर,(सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Kerosene Distribution: नागपुर शहर में अब भी ही ऐसे हजारों राशन कार्ड धारक हैं जिनके पास रसोई गैस सिलेंडर के कनेक्शन नहीं है। गरीबी रेखा के नीचे आने वाले इन परिवारों के घर का चूल्हा जलाने के लिए केरोसिन की उपलब्धता ही विकल्प है लेकिन पिछले करीब 4 साल से नागपु शहर में केरोसिन का वितरण लगभग बंद है।
इस वजह से इन गरीब परिवारों को घर का चूल्हा जलाने के लिए बहुत परेशानी सहन करनी पड़ रही है, फिर भी प्रशासन उदासीन है। जबकि नियम अनुसार हर महीने पात्र कार्ड धारकों को 4 लीटर केरोसिन मिलना चाहिए लेकिन वे इससे वंचित हैं। अब भी नागपुर शहर में 13,000 से अधिक पात्र राशन कार्ड धारक हैं। इस लिहाज नागपुर शहर के लिए हर महीने 1,44,000 लीटर केरोसिन की मांग है।
कोटा घटने के बाद शहर में केरोसिन वितरण पूरी तरह ठप
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में अन्न धान्य वितरण अधिकारी कार्यालय ने नागपुर शहर के लिए केरोसिन का कोटा घटाकर केवल 24,000 लीटर कर दिया था। कोटा कम करने से स्थानीय डीलर्स के लिए खरीदी और बिक्री में खर्च वाहन करना मुश्किल हो गया था, साथ ही स्थानीय ग्राहक संगठनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इतना कम कोटा करने से पर्याप्त लोगों को केरोसिन नहीं मिलेगा लेकिन विभाग ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
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डीलर्स के हाथ खड़े कर लेने से 24,000 लीटर केरोसिन भी वितरित होना बंद हो गया और इससे हजारों पात्र परिवारों पर संकट आ गया। वर्ष 2022 से विभाग ने केरोसिन वितरण पूर्णतः ही बंद कर दिया। इसके बाद से अब तक हजारों परिवारों को केरोसिन नहीं मिला है।
न्यायालय के आदेश के बावजूद अनदेखी
जिनके पास गैस सिलेंडर कनेक्शन नहीं है, ऐसे कार्ड धारकों की बड़ी संख्या है नागपुर शहर में, इन्हें नियम अनुसार हर महीने 4 लीटर केरोसिन मिलना चाहिए। इसे लेकर हाई कोर्ट की नागपुर बैच में याचिका भी दायर की गई।
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कोर्ट ने वर्ष 2024 में आदेश भी दिया था कि ऐसे परिवारों को केरोसिन दिया जाए लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ है। न्यायालय के आदेश की भी अनदेखी हुई है। संगठन के माध्यम से की मांग के बाद मौजूदा अन्न धान्य वितरण अधिकारी ने कक्ष अधिकारी को पत्र लिखा है। जल्द से जल्द से केरोसिन वितरण शुरू होना चाहिए।
– ऑल महाराष्ट्र फेयर प्राइस शॉपकीपर्स फेडरेशन, अध्यक्ष, संजय पाटिल
