नागपुर में ‘खेत बचाओ अभियान’: सिरकॉट (CIRCOT) ने इनपुट डीलर्स को सिखाए जैविक खेती के गुरुमंत्र!
Nagpur Organic Farming: सिरकॉट नागपुर के 'खेत बचाओ अभियान' में किसानों और इनपुट डीलरों को जैविक खेती, हाई डेंसिटी कपास रोपण, मिट्टी की सेहत और सही बीज चयन के महत्व की जानकारी दी गई।
- Written By: अंकिता पटेल
खेत बचाओ अभियान, कपास खेती,प्रतीकात्मक तस्वीर,(सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Khet Bachao Abhiyan: ओटाई प्रशिक्षण केंद्र, भा.कृ.अनु.सं. केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सिरकॉट), नागपुर द्वारा ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत मोहपा, कलमेश्वर, नागपुर में इनपुट डीलरों के साथ बातचीत का कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में ओटाई प्रशिक्षण केंद्र, नागपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रभारी अधिकारी डॉ. के. पांडियन, सीटी सीड़ा, मुंबई के प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर गोविंद वैराले, जाइडेक्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड नागपुर के शुभम ढोणे और अंकुर सीड्स के नितिन गोंडुले शामिल हुए।
डॉ. पांडियन ने किसानों का स्वागत कर उनके लिए आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मौजूदा उर्वरक संकट से निपटने और भविष्य को बेहतर रखने में जैविक खेती और जैविक इनपुट के महत्व पर जोर दिया।
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विशेषज्ञों ने बेहतर उत्पादन के लिए वैज्ञानिक कपास खेती पर दिया जोर
वैराले ने कपास की पैदावार बढ़ाने और ज्यादा फसल उत्पादन से किसानों की स्थिति सुधारने के लिए कपास में हाईडेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला।
वहीं नितिन गोंडुले ने उत्पादकता बढ़ाने और कीट व बीमारियों के प्रति सहनशीलता या प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए मिट्टी के हिसाब से सही बीजों की पहचान करने की जरूरत के बारे में बताया।
साथ ही उन्होंने सही बीजों और खेती के तरीकों के चुनाव की भूमिका का भी जिक्र किया। शुभम ढोणे ने मिट्टी की सेहत की मौजूदा स्थिति और प्राकृतिक इकोसिस्टम व संसाधनों को बचाकर टिकाऊ खेती के लिए मिट्टी के पोषक तत्वों पर प्रकाश डाला।
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PM किसान सम्मान निधि’ की 23वीं किस्त जारी
कार्यक्रम के बाद ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ की 23वीं किस्त जारी करने के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दिखाया गया जिसमें केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किसानों के कल्याण के लिए सरकार की पहलों के बारे में किसानों को संबोधित किया, कार्यक्रम के दौरान किसानों को बायो एनपीके, माइकोराइजा और जिंक घोलने वाले बैक्टीरिया जैसे जैविक इनपुट बांटे गए, साथ ही मिट्टी में पोषक तत्वों को बढ़ाने में सूक्ष्मजीवों के फायदों को पाने के लिए इनके इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
