प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
Highway Safety Hindi News: गोंदिया केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों की जान बचाने के लिए एक चहुत बड़ा कदम उठाया है। कैशलेस चिकित्सा उपचार योजना के तहत अब सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को सात दिनों तक 1.50 लाख रु. तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। इस योजना के तहत, सरकार उस बचाने वाले को सम्मानित करेगी जो किसी घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाता है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि यह योजना जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर लागू की जाएगी। सड़क सुरक्षा को और सख्त करने के लिए केंद्र सरकार ने मोटर वाहन कानून में कुल 61 अहम बदलाव किए हैं।
इनमें जुमनि की रकम बढ़ाना, ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर सख्त नियम और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके ट्रैफिक की निगरानी जैसे प्रावधान शामिल हैं। यह कैशलेस उपचार योजना शुरू में देश के कुछ नेशनल हाईवे पर प्रायोगिक तत्व पर लागू की गई थी।
इस ट्रायल के पूरे देश में अच्छे नतीजे दिखे हैं, सड़क दुर्घटना के बाद पहला घंटा (गोल्डन अवर) घायलों की जान बचाने के लिए बहुत अहम होता है। इस दौरान पैसे की कमी की वजह से इलाज न रुके, इसके लिए केंद्र सरकार ने 1.5 लाख रु। तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी है। इससे घायलों को किसी भी निजी या सरकारी अस्पताल में इलाज कराना आसान हो जाएगा।
अगर टक्कर मारने वाला वाहन भाग जाता है (हिट एंड रन) तो मृतक के वारिसों को मिलने वाला मुआवजा अब बढ़ा दिया गया है। मृतक के परिजनों को 2 लाख रु। दिए जाएंगे, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार रु। की आर्थिक मदद दी जाएगी।
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अक्सर, पैसे की तंगी या अस्पताल के पेपरवर्क की परेशानी की वजह से घायलों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। लेकिन, अब इस नई योजना ने दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को तुरंत इलाज मिलने का रास्ता साफ कर दिया है। उम्मीद है कि इस सात दिन के फ्री इलाज से मौतों की संख्या में काफी कमी आएगी।