
रवि और मुलुरचक गांवों की जनता परेशान (सौजन्य-नवभारत)
Gadchiroli Village Issues: गड़चिरोली जिले की आरमोरी तहसील के रवि और मुलूरचक गांव विगत 7 वर्षों से विकास की धारा से बाहर नजर आ रहे है। प्रशासन की अनदेखी के चलते इन गांवों के नागरिकों को व्यापक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन गांवों को ना ही ग्राम पंचायत का सहारा है, ना ही नगर परिषद की सुविधा।
स्थानीय स्वराज्य संस्था में समाविष्ट नहीं होने से रवि व मुलूरचक गांव विगत 7 वर्षों से ‘निराधार’ बने हुए है। जिससे गांव में अनेक समस्याओं का अंबार लग गया है। लेकिन समस्याएं हल करने के लिए कोई वाली नजर नहीं आ रहा है। सरकार व प्रशासन के साथ ही जनप्रतिनिधियों की भी इस ओर अनदेखी हो रही है। जिससे ग्रामीणों का जीना दुश्वार हुआ है।
आरमोरी नप स्थापन होने के पूर्व रवि व मुलूरचक गांवों का समावेश अरसोडा गुट ग्राम पंचायत में था। लेकिन उस समय आरमोरी नगर परिषद की स्थापना में जनसंख्या की कमी को देखते हुए अरसोडा गांव का समावेश आरमोरी नप में किया गया। जिससे वर्ष 2018 से रवि व मुलूरचक गांव का भविष्य रामभरोसे छोड़ा नजर आ रहा है। जिससे विगत 7 वर्षों से इन गांवों का किसी भी स्थानीय स्वराज्य संस्था में स्पष्ट समावेश नहीं है।
ना ही नगर परिषद में समावेश है, ना ही स्वतंत्र ग्राम पंचायत या अन्य ग्राम पंचायत में समावेश होने के चलते रवि तथा मुलूरचक इन दोनों गांव में वर्तमान में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है और इन समस्याओं के निवारण का रास्ता नजर नहीं आ रहा है।
गांव के अंतर्गत सड़कें व नालियों की व्यापक दयनीय अवस्था हुई है। पेयजल के लिए महिलाओं को दर-दर भटकना पड़ रहा है। स्वच्छता, स्वास्थ्य, बिजली, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन आदि बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से गरीब, वृद्ध, महिला व विद्यार्थियों को सर्वाधिक परेशानी हो रही है।
विगत 7 वर्षों से अनेक ज्ञापन, मांग, आवेदन, आंदोलन करने के बावजूद दोनों गांव को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए है। जनप्रतिनिधि चुनाव के दौरान वोट मांगने आते है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गांव की समस्या भूल जाते है। ऐसा रोष ग्रामीण व्यक्त कर रहे है। स्थानीय स्वराज्य संस्था में शामिल होने और कितना इंतजार करना पड़ेगा, हमारी समस्याएं, संघर्ष कब खत्म होगा, ऐसा सवाल ग्रामीणों ने पूछा है।
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रवि और मुलूरचक गांवों को प्रशासन ने रामभरोसे छोड़ा है। इन गांव में बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पायी है। यह दोनों गांव विकास से वंचित है। जिससे इन दोनों गांवों के संदर्भ में शीघ्र हल निकालकर बुनियादी सुविधाएं यहां के ग्रामीणों तक पहुंचाएं, अन्यथा जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।






