टिंगना-सा मंत्री, नेपाली दिखता है...अबू आज़मी का नितेश राणे पर विवादित बयान, कहा- मस्जिद में घुसकर दिखाओ

Abu Azmi Controversial Speech: अबू आसिम आज़मी और नितेश राणे के बीच 'जुबानी जंग' तेज। कुरान, पाकिस्तान और वंदे मातरम पर छिड़ा विवाद। अबू आज़मी के विवादित बयान पर गरमाई महाराष्ट्र की सियासत।
SP leader Abu Azmi sparks controversy with remarks on Nitesh Rane.
अबू आजमी और नितेश राणे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Abu Azmi: महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी का एक कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान सामने आया है। इस बयान को लेकर वे विवादों में आ गए हैं। उन्होंने भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे के हिंदुत्व से जुड़े बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

अबू आसिम आज़मी ने कहा कि नितेश राणे जैसे नेता मुसलमानों को लेकर भड़काऊ बयान देते हैं। उन्होंने राणे के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें कुरान पढ़ने वालों को पाकिस्तान जाने की बात कही गई थी। आज़मी ने मंच से आक्रामक लहजे में जवाब देते हुए कई विवादित टिप्पणियां कीं, जिस पर सियासी माहौल गरमा गया।

अबू आजमी ने किया पलटवार

अबू आजमी ने कहा, "एक मंत्री है, नेपाली दिखता है, टिंगना-सा है। कहता है कि मस्जिद में घुसकर मुसलमानों को मारूंगा। ये तेरी ताकत है। पुलिस को हटा ले और मस्जिद में घुसकर देखाए।"

उन्होंने आगे कहा कि कुछ नेता खुलेआम मस्जिदों और मुसलमानों को लेकर धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल करते हैं। अबू आज़मी ने सवाल उठाया कि क्या आज तक किसी मुसलमान ने मंदिरों के बाहर जाकर नारे लगाने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग रामनवमी जैसे पर्वों के दौरान शांति बनाए रखने में सहयोग करते हैं, इसके बावजूद उन्हें देशभक्ति साबित करने के लिए मजबूर किया जाता है।

नितेश राणे का पक्ष क्या है?

इससे पहले भाजपा नेता नितेश राणे ने हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि वह हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के लिए काम करते हैं, न कि ध्रुवीकरण के लिए। धार्मिक आयोजनों के दौरान होने वाली हिंसा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ईद या मुहर्रम के दौरान आमतौर पर कोई पत्थरबाज़ी नहीं होती, लेकिन रामनवमी या हनुमान जयंती के समय ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं।

राणे ने यह भी स्पष्ट किया था कि उनका विरोध किसी विशेष समुदाय से नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें देशभक्त मुसलमानों से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जो लोग जिहादी सोच रखते हैं, उन्हें उनके बयानों से असहजता हो सकती है।

‘वंदे मातरम’ पर बयान से बढ़ा विवाद

नितेश राणे ने अबू आज़मी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा था कि यदि कोई भारत में रहते हुए ‘वंदे मातरम’ कहने से इनकार करता है, तो यह सोचने का विषय है कि ऐसे लोगों को कहां जाना चाहिए। इसी बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच बयानबाज़ी और तेज हो गई। फिलहाल, दोनों पक्षों के बयानों ने धर्म और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर राजनीतिक बहस को और धार दे दी है, जिस पर सभी दलों की नजर बनी हुई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com