Gadchiroli News: बारिश थमी, लेकिन बाढ़ से नहीं मिली राहत, 100 गांवों से टूटा संपर्क

Gadchiroli News: पिछले दो दिनों तक जिले में हो रही मूसलाधार बारिश बुधवार को कुछ हद तक कम हो गयी। ऐसा होने के बाद भी जिले में अब भी बाढ़ की स्थिति कायम होकर जिले के 8 मार्ग बंद है।
Gadchiroli News: पिछले दो दिनों तक जिले में हो रही मूसलाधार बारिश बुधवार को कुछ हद तक कम हो गयी। ऐसा होने के बाद भी जिले में अब भी बाढ़ की स्थिति कायम होकर जिले के 8 मार्ग बंद है।
गड़चिरोली में बाढ़ (सौजन्य-नवभारत)
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Gadchiroli News: मंगलवार को भामरागड़ तहसील मुख्यालय समीपस्थ बहने वाली पर्लकोटा नदी में बाढ़ की स्थिति निर्माण होने से भामरागड़ शहर के बाजार में बाढ़ का पानी घुस गया था। ऐसे में बुधवार को सुबह से ही पानी कम होने के कारण भामरागड़ का बाजार खुला हो गया। लेकिन पर्लकोटा नदी के पुलिया पर पानी होने के कारण भामरागड़ समेत 100 गांव आज भी संपर्क से बाहर है।

वहीं पड़ोसी तेलंगाना राज्य में मूसलाधार बारिश शुरू होकर सिरोंचा समीपस्थ मेडीगट्टा प्रकल्प से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने के कारण सिरोंचा तहसील समेत दक्षिण गड़चिरोली में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने की बात कही जा रही है। जिले के अनेक मंडल में बड़े पैमाने पर बारिश दर्ज की गई थी। जिससे नदी, नालों पर जलस्तर बढ़कर सभी ओर बाढ़ की स्थिति निर्माण हो गयी।

भामरागड़ में यातायात बंद

बुधवार को बारिश कुछ हद तक थम गई थी। जिससे गड़चिरोली शहर समेत जिले के अनेक हिस्सों में प्रभावित हुआ जनजीवन पूर्वपद पर लौट आया। भामरागड़ शहर के बाजार में घुसा पानी कम होने के कारण भामरागड़ वासियों को बड़ी राहत मिली है। लेकिन पर्लकोटा के पुलिया से करीब 4 से 5 फीट ऊपर पानी बहने से भामरागड़ की यातायात बंद पड़ी है।

गोसीखुर्द से छोड़ा पानी

दिनभर बारिश नहीं होने के बाद भी पड़ोसी तेलंगाना राज्य में हुई अतिवृष्टि से क्षेत्र के प्रकल्प से बड़े पैमाने पर पानी छोड़ा जा रहा है। भंडारा जिले के गोसीखुर्द प्रकल्प से 1 हजार 801 क्यूमेक्स पानी का विसर्ग शुरू है। जिले के चामोर्शी तहसील के चिचडोह बैरेज से 10 हजार 593 क्यूमेक्स पानी का विसर्ग शुरू है। वहीं सिरोंचा समीपस्थ तेलंगाना राज्य के मेडीगट्टा प्रकल्प के सभी 85 गेट खोलकर इनमें से 28 हजार 530 क्यूमेक्स पानी का विसर्ग शुरू है। जिससे इस परिसर के नदी, नालों ने खतरे की सीमा लांग ली है। जिससे जिला प्रशासन ने परिसर के बचाव पथक को अलर्ट मोड कर नदी तट के गांवों को सतर्कता बरतने का आह्वान किया है।

दूसरे दिन भी यह मार्ग रहे बंद

बाढ़ के कारण दूसरे दिन बुधवार को जिले के करीब 8 मार्ग बंद थे। इनमें हेमलकसा-भामरागड़, सिरोंचा-असरअली-जगदलपुर, अहेरी-वट्रा, चौडमपल्ली-चपराला, भेंडाला-बोरी-गणपुर, हलवेर-कोठी, मन्नेराजाराम-दामरंचा, कोपेला-झिंगानुर आदि मार्गों की यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गयी है।

जिले की नदियां खतरे की सीमा से ऊपर

संपूर्ण जिले में बारिश थमने के बाद भी पड़ोसी जिले समेत तेलंगाना राज्य में हुई मूसलाधार बारिश के कारण खोसीखुर्द व मेडीगट्टा प्रकल्प से बड़े पैमाने पर पानी छोड़ा जा रहा है। जिसके कारण जिले की प्रमुख नदियां खतरे की सीमा के ऊपर बह रही है। जिले की प्रमुख नदी वैनगंगा ने खतरे की सीमा न लांगने के बाद भी इंद्रावती, गोदावरी नदियां खतरे की सीमा से ऊपर बहने के कारण बाढ़ की स्थिति कायम है।

4 शिक्षकों को कराया नदी पार

आगामी 23 अगस्त को दिल्ली में डीएफएफएफबी नामक परीक्षा आयोजित होकर भामरागड़ तहसील के ताडगांव स्थित एकलव्य स्कूल के चार शिक्षकों को उक्त परीक्षा देने के लिए दिल्ली जाना जरूरी था। लेकिन पर्लकोटा नदी पर बाढ़ की स्थिति निर्माण होने के कारण संबंधित शिक्षक दिल्ली नहीं पहुंच पा रहे थे। ऐसे में तहसील प्रशासन व एफडीआरएफ की टीम ने नाव की सहायता से चारों शिक्षकों को सुरक्षित रूप से नदी पार कराई है। यह कार्य तहसीलदार किशोर बागडे के मार्गदर्शन में किया गया।

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