गड़चिरोली के दुर्गम इलाकों में 22 मिनी सेतु केंद्रों का शुभारंभ, मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया लोकार्पण
Tribal Development Maharashtra: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गड़चिरोली के भामरागढ़ और एटापल्ली क्षेत्र में 22 मिनी सेतु केंद्रों का ऑनलाइन लोकार्पण किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
गड़चिरोली मिनी सेतु केंद्र (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gadchiroli Mini Setu Kendra: गड़चिरोली में नक्सलियों का प्रभाव कम होने के बाद अब प्रशासन की जिम्मेदारी अधिक बढ़कर दुर्गम परिसर के नागरिकों को केवल प्रशासन की उपस्थिति नहीं तो प्रशासन का लोकाभिमुख चेहरा और सरकार की सेवाओं की उपयुक्तता का प्रत्यक्ष अनुभव मिले। नक्सलियों ने अनेक वर्षों तक रोके रखे सरकार की सभी योजना अब प्रत्येक नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाना यह राज्य सरकार का लक्ष्य है, ऐसा प्रतिपादन राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया।
गडचिरोली जिले के दुर्गम और संवेदनशील परिसर में नागरिकों को सरकारी सेवा उनके गांव में ही उपलब्ध करा देने के लिये 22 मिनी सेतु केंद्रों का लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों ऑनलाइन प्रणाली द्वारा गुरूवार को किया गया। इस समय मुंबई से राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल व अन्य वरिष्ठ अधिकारी समेत गड़चिरोली से जिलाधीश अविश्यांत पंडा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे और जिला पुलिस अधीक्षक एम। रमेश उपस्थित थे।
नक्सल प्रभावित गड़चिरोली में विकास की नई पहल
वहीं भामरागढ़ व एटापल्ली तहसील के सभी मिनी सेतु केंद्रों पर केंद्र चालक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी ऑनलाईन प्रणाली द्वारा शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकशाही और उनकी संस्था नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते है। इसका अनुभव मिनी सेतू केंद्रों के माध्यम से आदिवासी बांधवों को मिलेगा।
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कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भामरागड के मिनी सेतू केंद्र चालक द्वारा इंटरनेट सुविधा व सेवा वितरण की जानकारी ली। केंद्र पर इंटरनेट सुविधा नियमित होकर निवासी प्रमाणपत्र, उत्पन्न प्रमाणपत्र, आधार सेवा समेत विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ नियमित रूप से नागरिकों को दिये जाने की बात इस समय कही गई।
अभिनव उपक्रम की संकल्पना रखी
आरेवाडा ग्रापं की महिला सरपंच ने गांव में मिनी सेतू केंद्र शुरू होने से नागरिकों को जन्म, उत्पन्न आदी विभिन्न दाखिले गांव में सहजता से उपलब्ध होने की बात कही। जिससे नागरिकों को तहसील मुख्यालय तक जाने की नौबत न आकर समय और पैसों की बात होने की बात भी उन्होंने कही। राज्य के मुख्य सचिव औरा पुलिस महासंचालक ने अपने गडचिरोली दौरे के दौरान इस अभिनव उपक्रम की संकल्पना रखी थी।
पहले नक्षलप्रभावित परिसर में राजस्व व अन्य सरकारी यंत्रणा पहुंचना मुश्किल हो गया था। उस समय पुलिस विभाग ने ‘पुलिस दादालोरा खिडकी’ इस उपक्रम के माध्यम से नागरिकों तक सरकारी सेवा पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
मिनी सेतु केंद्रों की प्रमुख विशेषताएं
गड़चिरोली जिले की भौगोलिक दुर्गमता और डिजिटल अंतर (डिजिटल डिवाइड) को ध्यान में रखते हुए इस पहल को शुरू किया गया है। भामरागढ़ और एटापल्ली तहसीलों में 22 मिनी सेतु केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें 9 आदि सेवा केंद्रों तथा 13 ‘पुलिस दादालोरा खिड़की’ केंद्रों को मिनी सेतु केंद्रों में परिवर्तित किया गया है।
इन केंद्रों पर निवास, जाति, आय और जन्म प्रमाणपत्र, महाआईडी पंजीकरण, आधार सेवाएं, बैंकिंग सुविधाएं, विभिन्न सरकारी योजनाओं के आवेदन तथा पेंशन संबंधी सेवाएं उपलब्ध होंगी। राज्य सेतु सोसायटी द्वारा प्रत्येक केंद्र को कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, फर्नीचर और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
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22 मिनी सेतु केंद्रों से मिलेगी सरकारी सेवाएं
प्रत्येक मिनी सेतु केंद्र संचालक को एक वर्ष तक प्रति माह 8,000 रुपये का परिचालन (ऑपरेशनल) सहायता अनुदान प्रदान किया जाएगा। आदि सेवा केंद्र मिनी सेतु केंद्रों में परिवर्तित किए गए आदि सेवा केंद्रों में आरेवाड़ा, हेडरी, लाहेरी, टेकला और मल्लमपोडूर ग्राम पंचायतों के केंद्रों के साथ-साथ धोडराज, वांगेतुरी, गर्दैवाड़ा, कोठी और मन्नेराजाराम पुलिस स्टेशन स्थित ‘पुलिस दादालोरा खिड़की‘ केंद्र शामिल हैं।
इसके अलावा शेष आदि सेवा केंद्रों और ‘पुलिस दादालोरा खिड़की’ केंद्रों के माध्यम से भी दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
