नागपुर में थम जाएंगे आपली बस के पहिए? 3,000 कर्मचारियों का हल्लाबोल! मांगें न मानीं तो हड़ताल की चेतावनी
Nagpur Aapli Bus Strike: नागपुर मनपा की ‘आपली बस’ सेवा के कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर 17 जुलाई को अहम बैठक बुलाई गई है। मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की कड़ी चेतावनी दी गई है।
- Written By: आकाश मसने
आपली बस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Aapli Bus Employees Strike: महाराष्ट्र के नागपुर शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली महानगरपालिका की ‘आपली बस’ सेवा एक बार फिर बड़े संकट के मुहाने पर खड़ी है। शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जुड़े करीब 3,000 कर्मचारियों की पुरानी और लंबित मांगों को लेकर नगर निगम के परिवहन विभाग में सुगबुगाहट तेज हो गई है। कर्मचारियों के भारी दबाव के बाद, मनपा परिवहन विभाग ने 17 जुलाई को दोपहर 4 बजे मनपा के स्थायी समिति सभागृह में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।
17 जुलाई की बैठक क्यों है बेहद खास?
नागपुर मनपा परिवहन विभाग की यह बैठक शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता नितिन तिवारी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के आधार पर यह बैठक आयोजित की गई है, जिसमें शहर की सभी बस ऑपरेटर कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
नितिन तिवारी ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इस बैठक में नागपुर मनपा परिवहन विभाग की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता है तो बुधवार को स्थगित किया गया आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल जाएगा। ‘आपली बस’ सेवा में विभिन्न ऑपरेटरों के अंतर्गत कुल 3,000 कर्मचारी कार्यरत हैं।
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कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
नागपुर में आपली बस सेवा में विभिन्न प्राइवेट ऑपरेटरों के तहत कुल 3,000 कर्मचारी रात-दिन सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों की एक लंबी सूची रखी है।
- स्थायी नौकरी और न्यूनतम वेतन: सभी 3,000 कर्मचारियों को सेवा में स्थायी किया जाए और शासन के नियमानुसार न्यूनतम वेतन (Minimum Wages) लागू किया जाए।
- बकाया राशि व भत्ते: वेतन का वर्षों से बकाया भुगतान तुरंत जारी किया जाए और मकान किराया भत्ता (HRA) दिया जाए।
- काम की गारंटी: कंडक्टरों को महीने में कम से कम 26 दिनों के काम की लिखित गारंटी दी जाए।
- सुविधाएं व सुरक्षा: हर कर्मचारी को प्रतिवर्ष 2 सेट यूनिफॉर्म, उचित बीमा पॉलिसी कवर और साल 2025 की बकाया छुट्टियों का पूरा भुगतान मिले।
- त्योहारों पर दोहरा वेतन: राष्ट्रीय व प्रमुख त्योहारों के दिन ड्यूटी करने पर कर्मचारियों को दोगुना वेतन दिया जाए।
- बुनियादी सुविधाएं: शहर के विभिन्न बस स्टैंडों पर ड्राइवरों और कंडक्टरों के लिए पीने का पानी और साफ-सुथरे वॉशरूम की बुनियादी व्यवस्था की जाए।
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‘चलो’ कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
नितिन तिवारी ने ‘चलो’ (Chalo) कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह कंपनी धरातल पर कोई काम नहीं करती बल्कि केवल समन्वय के नाम पर मुफ्त के पैसे ले रही है। उन्होंने मांग की है कि ‘चलो’ कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए और इसके निदेशकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं।
