वाढ़वन एक्सप्रेसवे सी-लिंक के खिलाफ किसानों का मोर्चा, उत्तन-डोंगरी रोड के लिए भूमि अधिग्रहण रद्द करने की मांग
Uttan Dongri Link Road: भाईंदर के उत्तन-डोंगरी में वाढ़वन सी-लिंक रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोला। आजीविका और पर्यावरण को नुकसान का लगाया आरोप।
- Written By: रूपम सिंह
वाढ़वन एक्सप्रेसवे सी-लिंक (सोर्स-सोशल मीडिया)
Maharashtra Wadhavan Expressway Project: वाढवन एक्सप्रेसवे सी लिंक प्रोजेक्ट भाईंदर पश्चिम के उत्तन से विरार फेज-1 के तहत प्रस्तावित उत्तन-डोंगरी लिंक रोड के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ स्थानीय किसानों, जमीन मालिकों और ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रोजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) के आयुक्त को विस्तृत आपत्ति पत्र सौंपकर प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तत्काल रोकने तथा पूरी परियोजना को रद्द करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि 24 जून 2026 को प्रकाशित सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन इससे पहले प्रभावित किसानों, जमीन मालिकों और स्थानीय नागरिकों को विश्वास में नहीं लिया गया। न तो कोई सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की गई और न ही स्थानीय लोगों से कोई सार्थक चर्चा की गई। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी और असंतोष व्याप्त है।
खड़ा हो जाएगा आजीविका का गंभीर संकट
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित लिंक रोड के कारण बड़ी संख्या में किसानों की कृषि भूमि, बाग-बगीचे, फलदार पेड़, निजी मकान तथा वर्षों से आजीविका का आधार बनी संपत्तियां प्रभावित होंगी।
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कई परिवारों की पूरी आर्थिक व्यवस्था खेती और उससे जुड़े व्यवसाय पर निर्भर है। यदि इन उपजाऊ जमीनों का अधिग्रहण किया जाता है तो हजारों लोगों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उत्तन और डोगरी क्षेत्र पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील (इको-सेंसिटिव) क्षेत्र हैं। यहां की प्राकृतिक संपदा, जल स्रोत, हरित क्षेत्र, कृषि भूमि और पारंपरिक जीवनशैली इस क्षेत्र की पहचान है।
मूल अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक रोजगार को कर रहे अनदेखा
ऐसे में बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने की आशंका है। उनका आरोप है कि विकास परियोजनाओं के नाम पर स्थानीय लोगों के मूल अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक रोजगार को नजरअंदाज किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी याद दिलाया कि स्थानीय कोली समुदाय के लोग पहले से ही मुंबई- वाढवन हाई-स्पीड सी ब्रिज परियोजना और उससे जुड़े तटीय सड़क (कोस्टल रोड) प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में मुख्य परियोजना को लेकर स्थानीय समुदाय की सहमति प्राप्त किए बिना उसी परियोजना से जुड़े लिंक रोड के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू करना पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में आपत्ति जताते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि उत्तन और डोंगरी क्षेत्र के किसान, जमीन मालिक और नागरिक प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का सामूहिक और कड़ा विरोध करते हैं। उन्होंने एमएमआरडीए से मांग की है कि प्रस्तावित उत्तन डोंगरी लिंक रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोकी जाए तथा परियोजना को निरस्त किया जाए।
